रांची । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर सरकार का फोकस है। उन्होंने एंबुलेंस, रेफरल सिस्टम, मेडिकल शिक्षा और अस्पताल प्रबंधन को लेकर समयबद्ध कार्ययोजना तय की। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुये मुख्यमंत्री ने कहा कि गर्भवती महिलाओं और मरीजों को समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने एंबुलेंस सेवा को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों पर चिंता जताते हुए एआई आधारित कॉल सेंटर शुरू करने की योजना तैयार करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और तकनीक आधारित बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिये। उन्होंने एएनएम, जीएनएम और चिकित्सकों के रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति करने के साथ-साथ एंबुलेंस सेवा में सुधार के लिए ओला-उबर मॉडल पर राज्यव्यापी नेटवर्क विकसित करने का खाका एक सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने को कहा।
मुख्यमंत्री ने राज्य में संचालित रेफरल सिस्टम का ऑडिट कराने, आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों की समीक्षा कराने तथा स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न निदेशालयों के पुनर्गठन का प्रस्ताव तैयार करने को भी कहा। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों की स्वास्थ्य जरूरतों को अलग-अलग आधार पर चिन्हित कर कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया।बैठक में अस्पतालों की साफ-सफाई और रखरखाव की नियमित मॉनिटरिंग पर भी जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ने राज्यभर में चार से पांच दिनों के नेत्र जांच शिविर आयोजित करने तथा एबीएचए कार्ड बनाने का अभियान स्कूलों, आंगनबाड़ी केंद्रों और कॉलेजों तक चलाने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र में नवीनतम चिकित्सा तकनीकों का अध्ययन कर सुधार की कार्ययोजना तैयार की जाये। मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के तहत सदर अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित करने, पुराने सदर अस्पतालों में एयर कूलिंग सिस्टम शुरू करने तथा मेडिकल कॉलेजों में पुनर्वास और थेरेपी सेंटर स्थापित करने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया।
उन्होंने निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेजों के कार्यों में भुगतान संबंधी बाधाओं को दूर कर समय पर परियोजनाएं पूरी करने को कहा. साथ ही मेडिकल कॉलेजों में स्नातक और स्नातकोत्तर सीटें बढ़ाने तथा देश के प्रतिष्ठित चिकित्सकों को गेस्ट फैकल्टी के रूप में आमंत्रित करने की पहल करने को कहा।मुख्यमंत्री ने ब्लड सेपरेशन यूनिट स्थापित करने, ब्लड बैंक लाइसेंस प्रक्रिया में तेजी लाने तथा रक्तदान व्यवस्था को ऐप आधारित और अधिक पारदर्शी बनाने के निर्देश दिये। सरकारी कर्मियों और पुलिस बल के बीच नियमित रक्तदान शिविर आयोजित करने पर भी जोर दिया।बैठक में मुख्यमंत्री ने अबुआ दवाखाना योजना को जल्द शुरू करने, केरल मॉडल पर अंगदान को बढ़ावा देने तथा स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीक आधारित नवाचारों को अपनाने की दिशा में ठोस पहल करने को कहा। बैठक में स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी, मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।


