जबलपुर । लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को मानहानि मामले में फिलहाल मध्यप्रदेश हाईकोर्ट से कोई राहत नहीं मिली है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की एकलपीठ ने भोपाल की विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट द्वारा जारी समन और ट्रायल कोर्ट की कार्रवाई पर रोक लगाने से इंकार कर दिया है। मामले की सुनवाई जस्टिस पी.के. अग्रवाल की सिंगल बेंच में हुई।
सुनवाई के दौरान केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पुत्र कार्तिकेय सिंह चौहान की ओर से पक्ष रखने के लिए अतिरिक्त समय की मांग की गई। कोर्ट ने इस अनुरोध को स्वीकार करते हुए उन्हें दो दिन का समय दिया है। अब इस मामले की अंतिम सुनवाई 14 मई को निर्धारित की गई है, जिस पर राजनीतिक और कानूनी हलकों की नजरें टिकी हुई हैं।
राहुल गांधी की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विवेक तन्खा और अन्य वकीलों ने अदालत में दलील पेश करते हुए कहा कि भोपाल की एमपी-एमएलए कोर्ट में दर्ज परिवाद और जारी समन पूरी तरह निराधार हैं। उन्होंने अदालत से मांग की कि इस मामले को प्रारंभिक स्तर पर ही निरस्त कर दिया जाए, क्योंकि इसमें मानहानि का कोई ठोस आधार नहीं बनता। हालांकि हाईकोर्ट ने फिलहाल इस दलील को स्वीकार नहीं किया और किसी प्रकार की अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया।


