नई दिल्ली । देश में बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप को देखते हुए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने सख्त रुख अपनाया है। आयोग ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली समेत 22 राज्यों के मुख्य सचिवों को नोटिस जारी कर रिपोर्ट तलब की है।
एनएचआरसी के अनुसार लू की बढ़ती आवृत्ति और तीव्रता का सबसे बुरा प्रभाव आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों, प्रवासी श्रमिकों और बेघर लोगों पर पड़ता है। इसलिए आयोग ने संबंधित राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर निर्देश दिया है कि वे लू के खतरों से आम लोगों, विशेषकर कमजोर वर्गों के जीवन की रक्षा के लिए तत्काल और अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित करें। इनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़, असम, सिक्किम, त्रिपुरा और हिमाचल प्रदेश शामिल हैं।
आयोग ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2019 से 2023 के बीच भारत में लू लगने के कारण 3,712 लोगों की जान जा चुकी है। इन आंकड़ों को गंभीरता से लेते हुए आयोग ने सरकारों से पूछा है कि इस वर्ष हताहतों की संख्या को न्यूनतम करने के लिए क्या ठोस कदम उठाए गए हैं।
इसके अलावा आयोग ने राज्यों से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के दिशानिर्देशों और मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के तहत की गई कार्रवाई की समेकित रिपोर्ट मांगी है। इनमें राहत उपायों का क्रियान्वयन और समावेशी योजना शामिल हैं।
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