नई दिल्ली । कोविड-19 का वहां दौर आज भी किसी बुरे सपने की तरह याद आता है। अपनों को खोने का डर और अस्पताल की भाग-दौड़ के बीच जिन लोगों ने वायरस को मात दी, उन्होंने राहत की सांस ली हैं, लेकिन अब एक शोध में उबरे चुके लोगों की चिंता बढ़ा दी है। हालिया रिसर्च में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिन लोगों को कोविड या फ्लू का बहुत गंभीर संक्रमण हुआ था, उनके शरीर में भविष्य में कैंसर होने गुजाइंश है। यह खतरा उन लोगों के लिए ज्यादा है, जिनकी स्थिति इतनी बिगड़ गई थी कि उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।
आमतौर पर हमारे शरीर में मौजूद न्यूट्रोफिल्स और मैक्रोफेज जैसे रक्षात्मक सेल हमें बीमारियों से बचाते हैं। लेकिन ताजा शोध बताती है कि गंभीर वायरल इंफेक्शन इन सेल्स के काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल देता है। ठीक होने के बाद भी ये सेल्स सामान्य नहीं होते और शरीर में सूजन कम करने के बजाय बढ़ाने लगते हैं। यही लंबे समय तक रहने वाली सूजन आगे चलकर ट्यूमर या कैंसर की गांठों के बनने की वजह बन सकती है।
इस डराने वाली खबर के बीच एक राहत भी सामने आई है। रिसर्च बताती हैं जिन लोगों ने समय पर वैक्सीन लगवा ली या जिन्हें संक्रमण के दौरान बहुत मामूली लक्षण महसूस हुए थे, उन्हें घबराने की जरूरत नहीं है। इसतरह के लोगों में कैंसर का जोखिम नहीं बढ़ा है, बल्कि कुछ मामलों में वैक्सीन की वजह से यह खतरा और भी कम देखा गया। यानी यह खतरा मुख्य रूप से उन्हीं लोगों के इर्द-गिर्द घूम रहा है जिनके फेफड़े संक्रमण की वजह से बुरी तरह प्रभावित हुए थे।
अगर आप या आपके परिचित भी उस दौर में गंभीर रूप से बीमार पड़े थे या अस्पताल में लंबे समय तक रहे थे, तब अब सतर्क रहने का समय है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इसतरह के लोगों को अपनी सेहत में होने वाले छोटे से छोटे बदलाव को भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। रिकवरी के बाद भी समय-समय पर डॉक्टर से संपर्क करना और जरूरी हेल्थ चेकअप करवाते रहना ही इस खतरे से बचने का सबसे आसान तरीका है।
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