संताल एक्सप्रेस संवाददाता
अमड़ापाड़ा (पाकुड़ ) । प्रखंड के डूमरचिर पंचायत अंतर्गत डूमरचिर पहाड़ गांव में मनरेगा योजना के तहत पशु शेड निर्माण में भारी अनियमितता का मामला सामने आया है तीन लाभुकों के पशु शेड चार वर्ष बाद भी अधूरे पड़े हैं।जबकि प्राक्कलित राशि का अधिकांश हिस्सा निकाला जा चुका है।ग्रामीणों ने बिचौलियों, वेंडरों व संबंधित अधिकारियों की मिलीभगत से राशि निकासी करने का आरोप लगाया है. यह योजना वित्तीय वर्ष 2021-22 से संचालित है।
निकासी के अनुपात में नहीं हुआ निर्माण कार्य :- गांदे पहाड़िया के पशु शेड निर्माण की कुल प्राक्कलित राशि 1,50,676 रुपये है,जिसमें से 1,11,301 रुपये की निकासी हो चुकी है। नियमानुसार इतनी राशि निकासी होने तक लगभग 73 प्रतिशत कार्य पूर्ण होना चाहिए था।लेकिन धरातल पर 50 प्रतिशत भी कार्य पूरा नहीं हुआ है।निर्माण में केवल ईंट की दीवार खड़ी कर लकड़ी के सहारे एस्बेस्टस शीट लगा दी गई है। यही नहीं पशुशेड निर्माण में जो लकड़ी के मोटे-मोटे तख्ते लगाए गए हैं वह भी लाभुक के ही हैं, जबकि पशुशेड में फर्श व चारा खाने के लिए नाद का निर्माण नहीं किया गया है।वहीं लोकना पहाड़िया के पशु शेड की प्राक्कलित राशि भी 1,50,676 रुपये है जिसमें 1,10,039 रुपये की निकासी कर ली गई है। लेकिन स्थल पर केवल दीवार खड़ी कर निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है।यहां फर्श, नाद तथा छत का कार्य भी नहीं किया गया ।इसी प्रकार देवा पहाड़िया के पशु शेड की प्राक्कलित राशि 1,50,676 रुपये है, जिसमें 1,12,296 रुपये की निकासी कर ली गई हैम इस पशु शेड में बिना लिंटन डाले ही एस्बेस्टस शीट लगा दी गई है।साथ ही फर्श व नाद का निर्माण भी नहीं किया गया है।नियमानुसार इतनी राशि निकासी होने तक तीनों पशु शेड में लगभग 73 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो जाना चाहिए था।लेकिन धरातल पर स्थिति कागजों से बिल्कुल अलग दिखाई दे रही है
तय मानकों की अनदेखी का आरोप :- मनरेगा योजना के तहत पशुपालकों को पशुओं के सुरक्षित रख-रखाव के लिए पशु शेड निर्माण कराया जाता है। निर्धारित मानकों के अनुसार मजबूत नींव, पक्की दीवार, समतल व मजबूत फर्श, टिकाऊ छत, पशुओं के चारा खाने के लिए नाद तथा जल निकासी की व्यवस्था अनिवार्य होती है। लाभुकों का आरोप है कि निर्माण कार्य में इन मानकों की अनदेखी कर केवल खानापूर्ति की गई है
जांच और कार्रवाई की मांग :- लाभुक गांदे पहाड़िया, लोकना पहाड़िया का कहना है कि अधूरे निर्माण के कारण उन्हें योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा अधूरे निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग की है।
क्या कहते हैं बीडीओ :- इस संबंध में बीडीओ प्रमोद कुमार गुप्ता ने बताया कि योजना का तय समय पर पूर्ण नहीं होना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि तीनों योजनाओं का स्थल निरीक्षण कर कार्य की स्थिति एवं निकासी राशि की जांच की जाएगी संबंधित पदाधिकारियों से पूरी जानकारी ली जाएगी। जांच में किसी भी प्रकार की त्रुटि पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


