फायर मॉक ड्रिल और जलापूर्ति की व्यवस्था पर विशेष ध्यान
देवघर। समाहरणालय सभागार में डीसी नमन प्रियेश लकड़ा की अध्यक्षता में विधि शाखा से जुड़े विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में उच्च एवं उच्चतम न्यायालय से संबंधित वादों में प्रति शपथ पत्र दाखिल करने की विभागवार स्थिति की समीक्षा की गई। साथ ही लंबित मामलों की अद्यतन प्रगति पर चर्चा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। बैठक के दौरान एम्स देवघर में नागरिक बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने से जुड़े मुद्दों की भी विस्तृत समीक्षा हुई। डीसी ने अग्निशमन पदाधिकारी को निर्देश दिया कि एम्स परिसर में समय-समय पर फायर से संबंधित मॉक ड्रिल कराई जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके। इसके साथ ही एम्स में पुनासी या अन्य वैकल्पिक माध्यमों से जलापूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। बेहतर संपर्क पथ, बाउंड्रीवाल और विद्युत आपूर्ति जैसे विषयों पर भी बैठक में चर्चा हुई और संबंधित विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए।
उपायुक्त ने कहा कि जिन मामलों में न्यायालय में शपथ पत्र दाखिल किया जाना है, उन सभी लंबित प्रकरणों में समय पर प्रति शपथ पत्र दाखिल किया जाए। विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करते हुए उन्होंने त्वरित निष्पादन पर जोर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि समुचित तथ्यों के साथ प्रभावी प्रतिवेदन समय पर न्यायालय में प्रस्तुत करना अनिवार्य है। बैठक में यह भी कहा गया कि प्रत्येक वाद की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवश्यकता पड़ने पर विधिक परामर्श लेकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विधिक प्रक्रियाओं में किसी प्रकार की शिथिलता न हो और सभी अधिकारी अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करें। बैठक में अपर समाहर्ता, अनुमंडल पदाधिकारी देवघर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, यातायात प्रभारी, विद्युत प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, जिला शिक्षा अधीक्षक, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता, सभी अंचलों के अंचलाधिकारी, डीएमएफटी टीम, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।


