नई दिल्ली । साल 2026 की शुरूआत में ही अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो का अपहरण किया था। वहीं अब ईरान पर हमले की आशंका बनी हुई है। आधुनिक युद्ध में टेक्नोलॉजी, इंटेलिजेंस और लॉजिस्टिक काफी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसीलिए किसी देश की सेना कितनी शक्तिशाली है, वहां इन सब बातों पर निर्भर है। हम आपको साल 2025 की दुनिया की टॉप सेनाओं के बारे में बताने जा रहे हैं। सूची को बनाने के लिए ग्लोबल फायरपावर इंडेक्स के आंकड़ों का हवाला लिया गया है, जिसमें 145 देशों की सेनाओं की क्षमताओं का आकलन किया गया है।
इस सूची में अमेरिका को सबसे ऊपर रखा गया है और ट्रंप की सेना को 0.07 प्वाइंट दिए गए हैं। उसके पास 1,328,000 सक्रिय मिलिट्री मैनपावर है। उसके बाद रूस है, जिसे 0.08 अंक दिए गये हैं। उसके पास 1,320,000 सक्रिय मिलिट्री मैनपावर है। फिर चीन का स्थान है, जिसे 0.08 प्वाइंट मिले हैं, जिसके पास 2,035,000 सैनिक हैं। फिर भारत का स्थान है, जिसे 0.12 अंक मिले हैं और भारत के पास 1,455,550 सक्रिय सैनिक हैं। सूची में पांचवें स्थान पर दक्षिण कोरिया है, जिसे 0.17 अंक दिए गये हैं। उसके पास 600,000 सक्रिय सैनिक हैं। छठे स्थान पर 0.18 अंकों के साथ ब्रिटेन है, सातवें स्थान पर 0.18 प्वाइंट के साथ जापान है, जिसके पास 247,150 सक्रिय सैनिक हैं। फिर आठवें स्थान पर फ्रांस है, जो 200,000 सक्रिय सैनिकों को रखता है। नौवें नंबर पर तुर्की है, जिसे 0.19 अंक दिए हैं। उसके पास 355,200 सैनिक हैं और 10वें नंबर पर इटली है, जिसे 0.22 अंक दिए गये हैं। इटली के पास 165,500 सैनिक हैं। 11वें नंबर पर ब्राजील है, जो कि 0.24 प्वाइंट मिले हैं, उसके पास 360,000 जवान हैं। सूची में 12वें नंबर पर पाकिस्तान है, जिसे 0.25 अंक मिले हैं और उसके पास 654,000 सक्रिय सैनिक हैं। 13वें नंबर पर इंडोनेशिया है, जिसे 0.26 अंक मिले हैं। उसके पास 400,000 जवान हैं। फिर 14वें नंबर पर जर्मनी है, जिसे 0.26 अंक दिए गये हैं। उसके पास 181,600 सैनिक हैं। इस सूची में 15वें नंबर पर इजरायल है, जिसे मिलिट्री पॉवर इंडेक्स में 0.27 अंक दिए गये हैं। इजरायल के पास 170,000 सैनिक हैं।
इजरायल के ठीक नीचे ईरान है, जो 16वें नंबर पर है। ईरान के पास 610,000 सैनिक हैं और उसे 0.30 नंबर दिए गये हैं। 17वें नंबर पर स्पेन (0.32) है, जिसके पास 133,282 सक्रिय सैनिक हैं। 18वें नंबर पर ऑस्ट्रेलिया है (0.33), सक्रिय सैनिक 57,350 हैं। 19वें नंबर पर इजिप्ट है, जिसके पास 440,000 सैनिक हैं और उसे 0.34 अंक मिले हैं। 20वें नंबर पर अल्जीरिया है, जिसे 0.36 अंक दिए गये हैं और उसके पास 325,000 सैनिक हैं।
इतना ही नहीं सूची में यूक्रेन 21वें नंबर पर, 22वें नंबर पर पोलेंड, 23वें नंबर पर ताइवान, 24वें नंबर पर वियतनाम, 25वें नंबर पर सऊदी अरब, 26वें नंबर पर थाईलैंड, 27वें नंबर पर स्वीडन, 28वें नंबर पर कनाडा है। 29वें नंबर पर सिंगापुर, 30वें नंबर पर ग्रीस, 31वें नंबर पर नाइजीरिया, 32वें नंबर पर मैक्सिको, 33वें नंबर पर अर्जेंटीना, 34वें नंबर पर उत्तर कोरिया, 35वें नंबर पर बांग्लादेश, 36वें नंबर पर नीदरलैंड, 37वें नंबर पर म्यांमार, 38वें नंबर पर नॉर्वे, 39वें नंबर पर पुर्तगाल, 40वें नंबर पर दक्षिण अफ्रीका, 41वें नंबर पर फिलीपींस, 42 वें नंबर पर मलेशिया, 43वें नंबर पर इराक, 44वें नंबर पर स्वीट्जरलैंड, 45वें नंबर पर डेनमार्क, 46वें नंबर पर कोलंबिया, 47 नंबर पर चिली, 48वें नंबर पर फिनलैंड, 49वें नंबर पर पेरू और 50वें नंबर पर वेनेजुएला है।
हालांकि सैनिकों की संख्या शक्ति प्रदर्शन के हिसाब से अहम है, लेकिन ये अपने आप में पूरी कहानी नहीं कहती है। जापान, यूनाइटेड किंगडम और फ्रांस जैसे देश कुछ कम रैंक वाले देशों की तुलना में बहुत कम सक्रिय सेना होने के बावजूद टॉप 10 में शामिल हैं। क्योंकि इनके पास मॉडर्न वॉरफेयर टेक्नोलॉजी काफी शक्तिशाली हैं।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


