नई दिल्ली । अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और यूरोपीय संघ अब भी भारतीय छात्रों के लिए सबसे भरोसेमंद और खास स्टडी डेस्टिनेशन बने हुए हैं। यह खुलासा हुआ एक ताजा रिपोर्ट में। नीति आयोग की इस नई रिपोर्ट न सिर्फ ग्लोबल स्टूडेंट मोबिलिटी ट्रेंड्स को सामने रखती है, बल्कि ये भी बताती है कि कैसे भारत खुद को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय शिक्षा हब के रूप में स्थापित कर सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका अब भी भारतीय छात्रों का सबसे पसंदीदा स्टडी एब्रॉड स्थान बना हुआ है। 2023-24 में अमेरिका में करीब 11.3 लाख विदेशी छात्र पढ़ रहे थे, जिनमें से 3.31 लाख भारतीय थे। यानी हर तीन में से एक छात्र भारत से ही था। कैलिफोर्निया, न्यूयॉर्क, मैसाचुसेट्स और टेक्सास जैसे राज्य सबसे पसंदीदा माने जाते हैं। मजबूत रिसर्च इकोसिस्टम, टॉप स्टेम प्रोग्राम्स और ग्रेजुएट कोर्सेस अमेरिका को भारतीय छात्रों के लिए और आकर्षक बनाते हैं। दिलचस्प बात ये रही कि इस बार भारत ने चीन को पीछे छोड़ते हुए सबसे बड़ा सोर्स कंट्री का स्थान हासिल किया। हालांकि, रिपोर्ट ये भी संकेत देती है कि एच-1बी वीजा फीस में बढ़ोतरी भविष्य में छात्रों के फैसलों को प्रभावित कर सकती है।कनाडा के लिए भारतीय छात्रों का झुकाव लगातार बढ़ रहा है। 2023 में कनाडा पहुंचने वाले सभी इंटरनेशनल स्टूडेंट्स में करीब 43 प्रतिशत भारतीय थे। कनाडा की लोकप्रियता के पीछे पोस्ट-ग्रेजुएशन वर्क परमिट, माइग्रेशन और स्किल वर्क अवसर, स्टूडेंट डायरेक्ट स्ट्रीम के जरिए तेज वीजा प्रोसेस और सुरक्षित व इन्क्लूसिव पॉलिसी जैसे कारण माने जाते हैं। रिपोर्ट ये भी बताती है कि इंटरनेशनल एजुकेशन कनाडा की जीडीपी में बड़ा आर्थिक योगदान दे रही है। जिसके कारण ये देश छात्रों के लिए और भी मजबूत विकल्प बन गया है।
ऑस्ट्रेलिया भी भारतीय छात्रों के लिए एक ‘हाई प्रॉमिसिंग डेस्टिनेशन साबित हो रहा है। सितंबर 2023 तक वहां 1.2 लाख से ज्यादा भारतीय छात्र पढ़ रहे थे। टेम्पररी ग्रेजुएट वीजा, स्किल्ड माइग्रेशन प्रोग्राम, मजबूत रेगुलेटरी फ्रेमवर्क और ‘स्टडी इन आस्ट्रेलिया जैसी सरकारी रणनीतियां यहां पढ़ने आने वाले छात्रों के लिए बड़े आकर्षण का कारण हैं। 2023-24 में ऑस्ट्रेलिया भारतीय छात्रों के लिए स्थायी निवास के बड़े केंद्रों में से एक रहा, जिससे करियर ग्रोथ के अवसर भी बढ़े।यूरोपीय संघ के देश भी किफायती फीस और रिसर्च-ओरिएंटेड प्रोग्राम्स के कारण भारतीय छात्रों के बीच नई पसंद के रूप में तेजी से उभर रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, जर्मनी, आयरलैंड और लातविया जैसे देश भारतीय छात्रों को सबसे ज्यादा अट्रेक्ट कर रहे हैं।
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