नई दिल्ली । कैंसर के इलाज को लेकर एक बड़ी और उम्मीद जगाने वाली खबर सामने आई है। ऑस्ट्रेलिया के वैज्ञानिकों ने रिसर्च के बाद दावा किया है कि शहद में मौजूद मेलिटिन कंपाउंड कैंसर के इलाज में प्रभावी साबित हो सकता है। शोध के अनुसार मेलिटिन स्तन कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने की क्षमता रखता है और स्वस्थ कोशिकाओं को कम नुकसान पहुंचाता है।
वैज्ञानिकों ने बताया कि शहद में पाया जाने वाला मेलिटिन खासतौर पर ट्रिपल निगेटिव और एचईआर2-पॉजिटिव ब्रेस्ट कैंसर पर असरदार पाया गया है। यह रिसर्च ऑस्ट्रेलिया के पीटर मैककैलम कैंसर सेंटर और सिडनी विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों द्वारा की गई है। अध्ययन में पाया गया कि मेलिटिन कैंसर कोशिकाओं की झिल्ली को तोड़ देता है, जिससे वे तेजी से नष्ट हो जाती हैं।
रिसर्च में 312 मधुमक्खियों के जहर का परीक्षण किया गया, जिसमें से कई प्रकार के शहद और मधुमक्खी विष का अध्ययन किया गया। वैज्ञानिकों का कहना है कि मेलिटिन का सही डोज और सुरक्षित उपयोग भविष्य में नई दवाओं और इंजेक्शन आधारित इलाज का रास्ता खोल सकता है।
हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि यह अभी शोध के स्तर पर है और आम लोगों को बिना डॉक्टर की सलाह शहद या मधुमक्खी विष का प्रयोग नहीं करना चाहिए। फिर भी, यह खोज कैंसर के उपचार में एक नई उम्मीद के रूप में देखी जा रही है।
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