सरैयाहाट। हमें आदिवासी समुदायों के अधिकारों, उनकी संस्कृति और उनकी समस्याओं पर ध्यान देने का अवसर मिला है। उक्त बातें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अवधेश प्रजापति ने विश्व आदिवासी दिवस पर हँसडीहा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा की यह दिन हमें याद दिलाता है कि आदिवासी हमारे समाज का महत्वपूर्ण हिस्सा है और उनकी रक्षा करना हमारा कर्त्तव्य है। आईये हम सब मिलकर उनके विकास के लिए काम करें। पूर्व मुखिया बसंती मुर्मू ने कहा की यह दिन हमें याद दिलाता है कि आदिवासी समुदायों ने सदियों से पर्यावरण संरक्षण और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज भी आदिवासी समुदाय का मुख्य आहार पेड़-पौधों पर निर्भर है। यहाँ तक कि उनके धर्म और त्योहार भी प्रकृति से जुड़े हुए हैं। विश्व आदिवासी दिवस पर हुल सेना के बैनर टले हँसडीहा स्टेडियम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज से जुड़े हरिलाल हांसदा, प्रीति हांसदा, विजय मुर्मू, मटर हेमब्रम के अलावा सामाजिक क्षेत्र के लोगों ने भी हिस्सा लिया। आदिवासी अपनी संस्कृति को बचाकर ही अपने अस्तित्व की रक्षा कर सकते है। उक्त बातें विश्व आदिवासी दिवस पर कोठिया में आयोजित कार्यक्रम में प्रमुख ललिता मरांडी ने कही। उन्होंने आधुनिक युग में ग्लोबल वार्मिंग के खतरे से बचने के लिए सभी समुदाय से अपील करते हुए कहा की जल जंगल जमीन को बचाने होगा। उन्होंने कहा की सभी को कम से कम एक एक पौधा जरूर लगाना चाहिए। कार्यक्रम में शम्भू हेमब्रम, देना सोरेन, सनत हांसदा, महाशय मरांडी, पगान मुर्मू सहित अन्य लोग मौजूद थे।
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