संताल एक्सप्रेस संवाददाता
अमड़ापाड़ा(पाकुड़)। अमड़ापाड़ा प्रखंड के डूमरचिर और तिलयपाड़ा गांव की सात नाबालिक लड़कियां मानव तस्करी की शिकार हो गयी हैं। परिजनों का आरोप है कि हिरणपुर निवासी एक व्यक्ति उनकी बेटियों को बहला-फुसलाकर काम दिलाने के बहाने बीते 28 अगस्त को उनके गांव से दिल्ली ले गया। उसके बाद ही नाबालिग बच्चियों के परिजन बेटी के घर लौटने को लेकर परेशान हैं। परिजनों ने मंगलवार को थाना पहुंचकर अपनी पीड़ा जाहिर की और न्याय की गुहार लगाई। दलालों के हत्थे दिल्ली ले जाई गयी एक नाबालिग बच्ची की मां ने जानकारी देते हुए बताया कि बीते 28 अगस्त को एक व्यक्ति हमारे गांव तिलईपाड़ा आया। वह अपने आप को हिरणपुर थाना क्षेत्र का निवासी बता रहा था। उक्त व्यक्ति ने अपना नाम भी सही ने नहीं बताया और तिलईपाड़ा एवं डूमरचिर की सात बच्चियों को काम दिलाने के बहाने हिरणपुर और बरहरवा के रास्ते ट्रेन से दिल्ली ले गया। जब हमने अपनी बेटियों से बात करना चाहा तो हर बार टाल-मटौल कर दिया गया। आलम यह है कि अब हमारी बात बेटियों से बात तक नहीं हो पा रही है। हमलोग बहुत परेशान है कि हमारी बच्चियां कहाँ और किस हाल में होंगी इसका कोई पता नहीं चल पा रहा है। उन्होंने बताया कि कुल आठ बच्चियों को काम दिलवाने के बहाने मानव तस्कर दिल्ली ले गए थे। जहां साहूकारों के हाथों उन्हें अलग-अलग स्थानों पर भेज दिया गया है। किसी तरह मौका पाकर एक युवती चार दिन पहले दिल्ली से भागकर गांव पहुंची और पूरे मामले की जानकारी दी। युवती ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि दिल्ली में मालिक ने मुझे काफी परेशान किया, मेरे साथ मारपीट की और भी कई यातनाएं सहनी पड़ी। किसी प्रकार मौका पाकर मैं वहां से भाग गई और अपने घर पहुंची। उसने बताया कि बाकी लड़कियां दिल्ली में अलग-अलग जगहों पर भेजी गई हैं। परिजनों ने मंगलवार को थाना में बच्चों की सही-सलामती बरामदगी को लेकर थाने में आवेदन दिया और न्याय की गुहार लगाई है। वहीं जब इस संबंध में पुलिस निरीक्षक सह थाना प्रभारी से दूरभाष पर जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।
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