पाकुड़। बुधवार को प्रखर राष्ट्रवादी, उत्कृष्ट संगठनकर्त्ता, एकात्म मानववाद और अंत्योदय के प्रणेता एवं हमारे पथ प्रदर्शक पंडित दीनदयाल उपाध्याय की जयंती पर जिलाध्यक्ष अमृत पाण्डेय के नेतृत्व में दीनदयाल उपाध्याय उद्यान स्थित उनके प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया।इस अवसर पर जिलाध्यक्ष अमृत पाण्डेय ने कहा कि स्वदेशी आर्थिक मॉडल को अपनाने की आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए उन्होंने एकात्म-मानववाद को रेखांकित किया। इसमें समावेशी और जन समुदाय को सशक्त बनाने का विचार था। उनका मानना था कि स्वदेशी और लघु उद्योग भारत की आर्थिक योजना की आधारशिला होनी चाहिए, जिसमें सद्भाव, सांस्कृतिक, राष्ट्रीय नीति और अनुशासन का समावेश हो। स्वदेशी की प्राथमिकता रखते हुए वह विश्व स्तर पर हो रहे नवाचारों को अपनाने के भी कतई खिलाफ नहीं थे। हमारी जरूरतों की वस्तुओं का निर्माण भी देश में ही करना चाहते थे ताकि हम आत्मनिर्भर बनें। वह जानते थे कि प्राकृतिक खेती से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी बल्कि कृषि में टिकाऊ और लचीलापन आएगा।इस अवसर पर अनुग्रहित प्रसाद साह, जिला उपाध्यक्ष धर्मेंद्र त्रिवेदी, जिला महामंत्री रूपेश भगत, नगर अध्यक्ष सोहन मंडल, निवर्तमान नगर अध्यक्ष पंकज साह उपस्थित रहे।
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