●झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मिली पर्यावरणीय सहमति
सुमन सिंह
दुमका । दुमका जिले में बालू संकट से राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। जिले के कुल 44 बालू घाटों में से 5 बालू घाट ऐसे हैं, जिनकी नीलामी पूरी होने के साथ-साथ झारखंड राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से पर्यावरणीय सहमति (ईसी) भी प्राप्त हो चुकी है। इन घाटों को शीघ्र ही चालू करने की तैयारी तेज कर दी गई है।जिला खनन पदाधिकारी आनंद कुमार के मुताबिक दुमका में 11 कैटेगरी–1 और 33 कैटेगरी–2 बालू घाट हैं। इनमें से फिलहाल 5 बालूघाट चालू होने की सभी आवश्यक प्रक्रियाएं लगभग पूरी कर चुके हैं और बहुत जल्द इनसे बालू उठाव शुरू हो जाएगा।
डीएमओ आंनद कुमार ने बताया कि पर्यावरण मानकों का पूरी तरह पालन करते हुए खनन कार्य कराया जाएगा। प्रशासन द्वारा निगरानी की समुचित व्यवस्था की जा रही है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता न हो।
बता दें कि कैटेगरी–1 के 11 बालू घाट पंचायतों के अधीन है जबकि केटेगरी 2 के 32 बालू घाटों की ई-नीलामी की गई है,जिनमें तत्काल 5 बालूघाट शीघ्र ही चालू होने वाली है।इन बालू घाटों के चालू होने से जिले में चल रहे निर्माण कार्यों को गति मिलेगी और लोगों को उचित दर पर बालू उपलब्ध हो सकेगा। साथ ही, अवैध खनन पर भी अंकुश लगेगा और सरकार के राजस्व में वृद्धि होगी।खनन विभाग आने वाले दिनों में अन्य बालू घाटों को चालू करने की प्रक्रिया भी पूरी करने में जुटा हुआ है ताकि जिले में बालू की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य हो सके।
जिन बालू घाटों को मिली पर्यावरण सहमति(ईसी)
1.हरिपुर बालूघाट (दुमका अंचल)
2.छोटाकामती बालूघाट (रानेश्वर अंचल)
3.सिमरा बालूघाट(जामा अंचल)
4.हरिपुर बालूघाट (जरमुंडी अंचल)
5.काटानई बालूघाट (जामा अंचल)


