11 नवंबर को सिंगापुर से होगा पहला मुकाबला
क्वालालंपुर । भारतीय फुटबॉल टीम को एएफसी अंडर-17 पुरुष एशियाई कप क्वालीफायर के लिए निकले ड्रॉ में ग्रुप ई में रखा गया है। भारतीय टीम का लक्ष्य इसमें जीत हासिल कर अगले साल 12 से 29 मई 2027 तक उज्बेकिस्तान में आयोजित होने वाले मुख्य टूर्नामेंट में जगह बनाना रहेगा। भारतीय टीम के साथ ग्रुप ई में मेजबान मलेशिया, फिलिस्तीन, सिंगापुर और गुआम जैसी टीमों से होगा, जिससे यह क्वालीफायर चरण भारतीय टीम के लिए आसान नहीं रहेगा।
ग्रुप ई के सभी क्वालीफायर मुकाबले 11 से 20 नवंबर तक मलेशिया में एकल राउंड रॉबिन प्रारूप में खेले जाएंगे, जिसमें प्रत्येक टीम को अपने समूह के सभी विरोधियों के खिलाफ एक बार खेलना होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत 11 नवंबर को सिंगापुर के खिलाफ करेगी, जिसके बाद 14 नवंबर को उसका सामना गुआम से होगा। 17 नवंबर को उसे फिलिस्तीन के साथ मुकाबला तय है, और अंत में 20 नवंबर को मेजबान मलेशिया के खिलाफ एक निर्णायक मैच से भारतीय टीम अपने क्वालीफायर चरण का समापन करेगी। इन मैचों में शानदार प्रदर्शन के आधार पर ही भारतीय टीम मुख्य टूर्नामेंट में जगह बना सकती है। ।
इन क्वालीफायर में एशिया भर की कुल 35 टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें पांच-पांच टीमों के सात अलग-अलग ग्रुप में बांटा गया है। प्रतियोगिता का प्रारूप अत्यधिक प्रतिस्पर्धी है, क्योंकि प्रत्येक ग्रुप से केवल शीर्ष पर रहने वाली टीम ही एएफसी अंडर-17 एशियाई कप 2027 के लिए सीधे क्वालीफाई करेगी। इसका अर्थ है कि भारतीय टीम को अपने ग्रुप में पहला स्थान हासिल करने के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने के साथ ही बेहतर योजना से उतरना होगा।। यह टीम के लिए सिर्फ एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि अपनी क्षमता को साबित करने का एक बड़ा अवसर है।
गौरतलब है कि भारतीय टीम ने इससे पहले 2026 में सऊदी अरब में हुए पिछले एएफसी अंडर-17 एशियाई कप के लिए भी क्वालीफाई किया था, हालांकि तब टीम ग्रुप चरण से आगे नहीं बढ़ पाई थी। अब भारतीय टीम का लक्ष्य न केवल लगातार दूसरी बार इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में अपनी जगह बनाना है, बल्कि इतिहास में 11वीं बार एएफसी अंडर-17 एशियाई कप के लिए क्वालीफाई करना रहेगा। यह अभियान टीम के लिए एशियाई स्तर पर अपनी क्षमता को परखने और भविष्य के अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का एक महत्वपूर्ण मंच है। यह क्वालीफायर केवल एशियाई कप में प्रवेश का मार्ग ही नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर पहुंचने की एक बड़ी उम्मीद भी जगाते हैं।


