नई दिल्ली । जीएसटी काउंसिल की 56वीं मीटिंग में 12% और 28% टैक्स स्लैब हटाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। यह जानकारी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। यह मीटिंग दो दिन (3-4 सिंतबर) होनी थी, जिसे एक दिन में ही खत्म कर दिया गया है।
वित्त मंत्री ने बताया कि मौजूदा स्ट्रक्चर को सरल करने के लिए दो स्लैब 5% और 18% ही 22 सितंबर से लागू किए जाएंगे। इससे करीब 175 आइटम्स सस्ते होंगे। जिनमें फूड इंग्रेडिएंट्स, बादाम, स्नैक्स, रेडी-टू-ईट आइटम, जैम, घी, मक्खन, अचार, मुरब्बा, चटनी, ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स और रेफ्रिजरेटर आदि चीजें शामिल हैं। निर्मला सीतारमण ने बताया कि दूध, रोटी, पिज्जा, छेना समेत कई फूड आइटम जीएसटी फ्री होंगे। इसके अलावा सीमेंट पर टैक्स 28% से घटाकर 18% कर दिया गया है। वहीं लग्जरी आइटम्स पर 40% जीएसटी लगाया जाएगा।
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ये वस्तुएं हो सकती हैं सस्ती
मनीकंट्रोल की रिपोर्ट के मुताबिक, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि करीब 175 वस्तुओं पर जीएसटी दरों में कटौती हो सकती है, जिनमें खाद्य पदार्थ, बादाम, स्नैक्स, रेडी-टू-ईट आइटम, जैम, घी, मक्खन, अचार, मुरब्बा, चटनी, ऑटोमोबाइल, ट्रैक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, एसी, रेफ्रिजरेटर आदि चीजें शामिल हैं। सूत्रों का कहना है कि अगर मंत्रिसमूह (जीओएम) के रेट कटौती प्रस्ताव को जीएसटी काउंसिल स्वीकार कर लेती है तो सभी वस्तुओं पर औसत जीएसटी दर, जो वर्तमान में लगभग 11.5 प्रतिशत है, घटकर 10 प्रतिशत से नीचे आ जाएगी। 12-28 प्रतिशत स्लैब में आने वाली कुछ खास वस्तुएं घी,मक्खन, चीज, पैक्ड फ्रोजन सब्जियां, फ्रूट जूस (अधिकतर, नॉन-एरेटेड), छाता, सोलर वॉटर हीटर, कृषि उपकरण, एयर कंडीशनर, सीमेंट और कार/एसयूवी।
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हेल्थ और इंश्योरेंस को जीएसटी से छूट
मंत्रियों के समूहों का प्रस्ताव है कि स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम को जीएसटी दायरे से अलग रखना चाहिए। यानी इसपर टैक्स नहीं लगाया जाना चाहिए। हालांकि इससे राजस्व में गिरावट आएगी। तेलंगाना के उपमुख्यमंत्री मल्लू भट्टी विक्रमार्क के अनुसार, व्यक्तियों के लिए स्वास्थ्य और जीवन बीमा प्रीमियम पर पूरी छूट से अनुमानित रूप से सालाना 9,700 करोड़ रुपये का राजस्व नुकसान होगा।
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