●आज साहिबगंज से शुरू होगी भाजपा की संताल परगना परिवर्तन यात्रा
● विधानसभा चुनाव में बांग्लादेशी घुसपैठ और एनआरसी रहेगा भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा
सुमन सिंह
दुमका।केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अमर शहीद सिदो कान्हु की धरती साहिबगंज से भाजपा की संताल परगना परिवर्तन यात्रा की शुरुआत कर आगामी चुनाव में संताल फतह की शंखनाद करेंगे। 20 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सबसे पहले संताल हूल के महानायकों सिदो और कान्हु मुर्मू के पैतृक गांव भोगनाडीह पहुंच कर अमर शहीदों को श्रद्धांजलि देंगे। भोगनाडीह से गृह मंत्री अमित शाह साहिबगंज जाएंगे जहां परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करेंगे।संताल परगना परिवर्तन यात्रा और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के कार्यक्रम को लेकर भाजपाइयों में काफी उत्साह है। संताल क्षेत्र के सभी छह जिलों से बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों का जुटान साहिबगंज में हो रहा है।2024 के विधान सभा चुनाव की घोषणा शीघ्र ही होने वाली है।चुनाव पूर्व की भाजपा की यह सबसे बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम है।इतना तय है कि संताल परगना में बांग्लादेशी घुसपैठ का मामला इस बार भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा होगा।ऐसे में बांग्लादेशी घुसपैठ से सर्वाधिक प्रभावित माने जाने वाले साहिबगंज से संताल परगना परिवर्तन यात्रा की शुरुआत के कई राजनीतिक मायने मतलब निकाले जा सकते हैं।बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान के लिए भाजपा न केवल एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) की मांग करती रही है बल्कि भाजपा की सरकार बनने पर संताल परगना में एनआरसी कराने की घोषणा भी भाजपा के नेता करते रहे हैं।अब उसी साहिबगंज की धरती से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शुक्रवार को भाजपा के संताल परगना परिवर्तन यात्रा की शुरुआत करेंगे।साहिबगंज में होने वाली परिवर्तन यात्रा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के संबोधन पर पक्ष-विपक्ष सभी की नजर रहेगी।बांग्लादेशी घुसपैठ और एनआरसी जैसे मुद्दे पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सरकार और अपनी पार्टी का स्टैंड स्पष्ट कर संताल परगना सहित झारखंड की जनता को कोई बड़ा संदेश दे सकते हैं।
झामुमो का गढ़ है संताल परगना,बरहेट से जीते हैं सीएम हेमंत सोरेन
कोल्हान और संताल परगना के राजनीतिक परिस्थितियों में कई समानताएं हैं।मसलन
संताल परगना भी कोल्हान की तरह झामुमो का गढ़ माना जाता है।भाजपा की संताल परगना परिवर्तन यात्रा जिस साहिबगंज से शुरू होने जा रही है,वह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कर्म भूमि है।साहिबगंज जिले के ही बरहेट से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधायक हैं।संताल परगना की 18 में 9 सीटें झामुमो के पास है।इसमें सभी 7 एसटी सुरक्षित सीटें- बरहेट,बोरियो, लिट्टीपाड़ा,महेशपुर, दुमका, शिकारीपाड़ा, जामा शामिल है।
संताल परगना की 18 सीटों में मात्र 4 पर है भाजपा का कब्जा
संताल परगना परिवर्तन यात्रा विधान सभा चुनाव को लेकर भाजपा के राजनीतिक अभियान का हिस्सा है।संताल परगना में विधानसभा की 18 सीटें हैं।2019 के विधान सभा चुनाव में भाजपा को इन 18 सीटों में मात्र 4 सीटों से संतोष करना पड़ा था।18 सीटों में भाजपा में आदिवासियों के लिए कुल 7 सीटें सुरक्षित हैं जिनमें किसी सीट पर भाजपा का कब्जा नहीं है।झारखंड में सत्ता हासिल करने के लिए राज्य की 28 एसटी सुरक्षित सीटों के साथ ही संताल परगना की 18 सीटें किसी भी दल या गठबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।


