झारखंड विधानसभा चुनाव पूर्व सर्वे में खुलासा
चंपाई सोरेन के बगावत का कोल्हान में पड़ सकता है असर
रांची । इसी साल झारखंड में विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं। भाजपा और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच जबरदस्त टक्कर है। दोनो ही दल एक दूसरे को पटकनी देने के लिए अपनी अपनी रणनीति बना रहे हैं। इसी बीच आए एक ताजा सर्वे ने सभी को चौंका दिया है। सर्वे के हवाले से एक सर्वे रिपोर्ट जारी की है, जिसमें चुनाव में अलग-अलग पार्टियों को मिलने वाले वोट शेयर और सीटों का अनुमान लगाया गया है। सर्वे के मुताबिक बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। बता दें, झारखंड में हर पांच साल में सरकार बदलने का इतिहास रहा है। ऐसे में इस बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों के बाद चुनाव पर क्या असर पड़ेगा, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं। भाजपा और जेएमएम के बीच मुकाबला इसलिए भी रोचक माना जा रहा है जब पूर्व सीएम चंपई सोरेन बगावत के रास्ते पर चल पडे हैं। जेएमएम के नेता और पूर्वी सीएम चंपई सोरेन ने पार्टी से बगावत कर दी है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर आज चुनाव हुए तो किसे कितनी सीटें मिलेंगी? क्या चंपई सोरेन के बागी होने से जेएमएम को नुकसान होगा? इन सवालों का जवाब तो चुनाव नतीजे सामने आने पर पता चलेगा, लेकिन बीते दिनों सामने आए झारखंड विधानसभा चुनाव को लेकर किए गए सर्वे ने चौंकाया है। सर्वे के मुताबिक, बीजेपी को 41.2 प्रतिशत वोट शेयर के साथ सबसे ज्यादा सीटें मिलने का अनुमान है। वहीं, सत्ताधारी जेएमएम को 18.2 प्रतिशत वोट शेयर मिलने की संभावना है। कांग्रेस को 12.2 प्रतिशत और एजेएसयूपी को 9.2 प्रतिशत वोट शेयर मिल सकता है। अन्य दलों को 19.2 प्रतिशत वोट मिलने का अनुमान है। झारखंड में कुल 81 विधानसभा सीटें हैं। सर्वे के मुताबिक बीजेपी 38 से 43 सीटें जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बन सकती है। वहीं जेएमएम को 19-24 सीटें, कांग्रेस को 7 से 12 सीटें, आजुसू 2 से 7 सीटें और अन्य के खाते में 3 से 8 सीटें जा सकती हैं। हालांकि चुनाव आयोग ने अभी तक चुनाव की तारीखों का ऐलान नहीं किया है, लेकिन आयोग ने बताया कि झारखंड में जल्द ही चुनाव होंगे। चुनाव आयोग ने अभी सिर्फ जम्मू-कश्मीर और हरियाणा विधानसभा चुनाव की तारीखों का ऐलान किया है। झारखंड में इस समय जेएमएम की अगुवाई वाली सरकार है, जिसमें कांग्रेस भी शामिल है।


