पूर्वी सिंहभूम । जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के चर्चित हत्याकांड और कातिलाना हमले के मुख्य आरोपित विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा ने बुधवार को पुलिस को चकमा देते हुए जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी और उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया था। इसके बावजूद वह पुलिस की पकड़ में नहीं आया और सीधे अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया।
जानकारी के अनुसार, विश्वनाथ मंडल बुधवार दोपहर एक अधिवक्ता के साथ जमशेदपुर व्यवहार न्यायालय पहुंचा और मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अब पुलिस उसे रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी कर रही है, ताकि घटना की साजिश, हमले के कारण और इसमें शामिल अन्य आरोपितों की भूमिका का पता लगाया जा सके। मुख्य आरोपित के आत्मसमर्पण के बाद एक बार फिर जमशेदपुर पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। पुलिस की विशेष अनुसंधान टीम (एसआईटी) पिछले कई दिनों से उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही थी। शहर के अलावा आसपास के जिलों और संभावित ठिकानों पर भी दबिश दी जा रही थी, लेकिन वह पुलिस की नजरों से बचते हुए अदालत तक पहुंचने में सफल रहा।
उल्लेखनीय है कि 27 जून की रात बिष्टुपुर स्थित डीडी बार के बाहर पुलिस की मौजूदगी के बीच दो युवकों पर धारदार हथियार से जानलेवा हमला किया गया था। आरोप है कि हिमांशु सिंह और प्रत्युष आनंद को पुलिस वाहन से नीचे उतारने के बाद उन पर ताबड़तोड़ हमला किया गया। इस हमले में गंभीर रूप से घायल हिमांशु सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई, जबकि प्रत्युष आनंद अब भी गंभीर अवस्था में उपचाराधीन है। इस घटना के बाद पूरे शहर में सनसनी फैल गई थी और कानून-व्यवस्था को लेकर कई सवाल उठे थे। जांच के दौरान विश्वनाथ मंडल उर्फ बोदरा को इस मामले का मुख्य आरोपित बनाया गया था। उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई थी। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर दो लाख रुपये का इनाम घोषित किया था और एसआईटी लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
इस मामले में बिष्टुपुर थाना में 10 नामजद आरोपितों सहित अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस अब तक कई आरोपितों को गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपितों में डीडी बार के मैनेजर विजय महानंद, बार मालिक नीरज सिंह समेत अन्य लोग शामिल हैं। मामले में एक नाबालिग को भी विधि के अनुसार निरुद्ध किया गया है। मुख्य आरोपित के आत्मसमर्पण के बाद पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड पर पूछताछ के दौरान घटना से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आएंगे। साथ ही हमले की पूरी साजिश, अन्य आरोपितों की संलिप्तता और घटना के पीछे की वजहों का भी खुलासा होने की संभावना है।


