शिकारीपाड़ा(दुमका)। शिकारीपाड़ा के दलदली गांव में मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ महज 26 साल की नमिता हेम्ब्रम की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। नमिता का शव उसके ही घर में मिला, जिसे देख परिजनों की रूह कांप उठी।
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पिता का आरोप: ‘दहेज की भूख ने छीन ली मेरी बेटी’
पश्चिम बंगाल के सैंथिया निवासी बासु हेम्ब्रम ने अपनी बेटी की मौत को सोची-समझी हत्या करार दिया है। उन्होंने पुलिस को बताया कि तीन साल पहले उन्होंने आदिवासी रीति-रिवाज से नमिता की शादी सरदार मरांडी के साथ की थी। शादी के बाद से ही सरदार की लालची नजरें नमिता के पिता की संपत्ति पर टिकी थीं। वह अक्सर नमिता को यह कहकर प्रताड़ित करता था कि “तुम्हारे पिता अमीर हैं, वहां से रुपए और सामान लेकर आओ।”
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डेढ़ साल के मासूम के सिर से उठा मां का साया
नमिता का एक डेढ़ साल का बेटा भी है, लेकिन मासूम की ममता भी सरदार के पत्थर दिल को पिघला न सकी। बासु हेम्ब्रम के अनुसार, दामाद ने फोन कर बेटी की तबीयत खराब होने की सूचना दी थी, लेकिन जब वे दलदली गांव पहुंचे तो नमिता का बेजान शरीर वहां पड़ा था। उसके गले पर रस्सी के गहरे निशान इस बात की गवाही दे रहे थे कि उसे बेरहमी से मार डाला गया है। ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पिता की शिकायत पर सच सामने आ गया।
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पुलिस की त्वरित कार्रवाई, हत्यारा पति गिरफ्तार
शिकारीपाड़ा थाना प्रभारी अमित लकड़ा ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने कांड संख्या 41/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 80 (2) में प्राथमिकी दर्ज कर आरोपी पति सरदार मरांडी को गिरफ्तार कर लिया है। थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजकर जेल भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
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