नई दिल्ली । पर्यावरणविद् सोनम वांगचुक और कांग्रेस, आम आदमी पार्टी (आआपा) सहित विपक्षी दलों ने शनिवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे को लोकतंत्र की जीत बताया है। जंतर-मंतर पर चले छात्र आंदोलन में 26 दिन तक अनशरत रहे सोनम वांगचुक ने एक्स पोस्ट में कहा, यह लोकतंत्र की जीत है सीधा लोकतंत्र जो सड़कों से निकला है। यह शांति, धैर्य और दृढ़ता की जीत है। उन्होंने सीजेपी और देश की ‘जेन जी’ के प्रति आभार प्रकट किया।
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि भारत के ‘छात्रों की आवाज’ आखिरकार सत्ता के दरवाजे तक पहुंच ही गई है। यह हमारे उन लाखों युवाओं की जीत है जिन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए देशभर की सड़कों पर अपनी आवाज उठाई। यह सत्य और उन सभी परिवारों की जीत है जिन्होंने अपने बच्चों को खो दिया। यह एकजुट विपक्ष की जीत है, जिसने छात्रों के हित में संसद से लेकर सड़कों तक अपनी आवाज उठाई। उन्होंने सरकार से युवा पीढ़ी से माफी मांगने और उन लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करने का आग्रह किया जिन्होंने छात्रों के साथ बर्बरता की।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि यह उस पीढ़ी की जीत है जो एक अन्यायपूर्ण और भ्रष्ट व्यवस्था से जूझते-जूझते थक चुकी है और उस विपक्ष की भी जीत है जिसने छात्रों के साथ मज़बूत एकता और एकजुटता दिखाई है। आआपा के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आप लोगों का संघर्ष रंग लाया। आखिरकार, धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा। यह पूरे लोकतंत्र की बहुत बड़ी जीत है। मैं उम्मीद करता हूं कि सरकार नीट के सिस्टम को ठीक करेगी, ताकि अगले साल अब से पेपर लीक होना बंद हो जाए। देश के अंदर, अब हमारे बच्चों को आत्महत्या न करनी पड़े। आआपा के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा कि युवा शक्ति और छात्र शक्ति की जय हो। जहां-जहां युवा और उनकी ऊर्जा जाती है, वहीं नया दौर आता है। पेपर लीक से शुरू हुई यह लड़ाई अब रोज़गार तक जाएगी। इसके बाद देश में हर गलती के लिए जवाबदेही तय की जाएगी। आंदोलन की जीत पर बधाई।


