रांची: नए साल के अवसर पर देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक ने झारखंड के संविदाकर्मियों और पेंशनभोगियों के लिए बड़ी सामाजिक सुरक्षा पहल की घोषणा की है। इसके तहत पात्र खाताधारकों को सैलरी स्लैब के अनुसार अधिकतम ₹1.10 करोड़ तक का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा कवर मिलेगा। सूत्रों के अनुसार, इस योजना को लेकर जल्द ही राज्य सरकार और एसबीआई के बीच औपचारिक समझौता किया जाएगा।
एसबीआई के कॉर्पोरेट सैलरी पैकेज के अंतर्गत संविदाकर्मियों को एक करोड़ तक का मुख्य व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त 10 लाख का दुर्घटना बीमा दिया जाएगा। खास बात यह है कि इस सुविधा के लिए न तो खाताधारक को कोई प्रीमियम देना होगा और न ही राज्य सरकार पर कोई वित्तीय भार पड़ेगा।
बैंक का दावा है कि राज्य में उसका क्लेम सेटलमेंट रिकॉर्ड बेहद भरोसेमंद रहा है। झारखंड पुलिस के साथ वर्ष 2023 से लागू एमओयू के तहत अब तक 55 कर्मचारियों के परिवारों को दुर्घटना बीमा की राशि सीधे खातों में भुगतान की जा चुकी है। इससे एसबीआई की पारदर्शिता और सामाजिक उत्तरदायित्व झलकता है।
परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एसबीआई ‘रिश्ते अकाउंट’ (गोल्ड व उससे ऊपर) के तहत कर्मी के परिवार के चार सदस्यों को 5-5 लाख यानी कुल 20 लाख का दुर्घटना बीमा कवर देगा। साथ ही, गार्जियन के निधन की स्थिति में बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए 8 से 10 लाख तक और अधिकतम दो बेटियों के विवाह हेतु 5-5 लाख तक की सहायता का प्रावधान भी किया गया है।
पेंशनभोगियों को भी इस पहल में शामिल करते हुए एसबीआई द्वारा 30 लाख का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा और डेबिट कार्ड पर अतिरिक्त 10 लाख, यानी कुल 40 लाख तक का कवर प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, पात्र खाताधारकों को ऐसे प्रीमियम डेबिट कार्ड मिलेंगे, जिन पर नियमानुसार अमेजन प्राइम की वार्षिक सब्सक्रिप्शन निःशुल्क दी जाएगी। गौरतलब है कि इससे पहले 17 अप्रैल 2025 को राज्य के स्थायी कर्मियों के लिए राज्य सरकार और एसबीआई के बीच एमओयू हुआ था। अब संविदाकर्मियों और पेंशनभोगियों को भी शामिल कर एसबीआई नए साल में सामाजिक सुरक्षा, विश्वास और सेवा-भाव की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत कर रहा है।
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