नई दिल्ली । अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के पूर्व भारत सरकार का आयुष मंत्रालय विभिन्न योगासनों के महत्व पर जोर दे रहा है। इसी के तहत मंत्रालय ने सर्वांगासन के अभ्यास की सलाह दी है, जो कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करता है, विशेषकर छोटी उम्र में बालों के सफेद होने की समस्या के समाधान में। आयुष मंत्रालय के अनुसार, सर्वांगासन का नियमित अभ्यास इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित कर सकता है। यह आसन पूरे शरीर को ऊपर की ओर उल्टा करके रक्त संचार को असाधारण रूप से बेहतर बनाता है। इस स्थिति में सिर और स्कैल्प को अधिक ऑक्सीजन और आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं, जिससे बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और समय से पहले सफेद होने की प्रक्रिया धीमी पड़ जाती है। सर्वांगासन को कंधे के बल खड़े होने वाला आसन भी कहा जाता है। इस आसन में व्यक्ति पीठ के बल लेटकर दोनों पैरों को ऊपर की ओर उठाता है और पूरे शरीर का भार कंधों पर संतुलित करता है। यदि यह आसन सही तरीके से और किसी अनुभवी योग विशेषज्ञ की देखरेख में किया जाए, तो यह न केवल बालों के स्वास्थ्य के लिए बल्कि कई अन्य शारीरिक समस्याओं में भी अत्यंत लाभकारी साबित होता है। सर्वांगासन के अभ्यास से कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होते हैं। यह बालों के समय से पहले सफेद होने और बुढ़ापे के अन्य लक्षणों को कम करने में सहायक है।
यह थायरॉइड और अन्य एंडोक्राइन ग्रंथियों को सक्रिय करके हार्मोन संतुलन बनाए रखने में मदद करता है, जो संपूर्ण शरीर के कार्यों के लिए महत्वपूर्ण है। इसके नियमित अभ्यास से अपच और कब्ज जैसी पाचन संबंधी समस्याओं से राहत मिलती है। यह हार्निया, बवासीर और गर्भाशय संबंधी समस्याओं में भी आराम पहुंचाता है। इसके अतिरिक्त, सर्वांगासन शरीर में ऊर्जा और स्फूर्ति बढ़ाता है, जिससे मन शांत और केंद्रित रहता है, और व्यक्ति मानसिक रूप से अधिक स्थिर महसूस करता है। आयुष मंत्रालय स्पष्ट करता है कि योग कोई दवा नहीं है, बल्कि एक जीवनशैली है जिसे अपनाकर दीर्घकालिक स्वास्थ्य और कल्याण प्राप्त किया जा सकता है। रोजाना केवल 10-15 मिनट सर्वांगासन का अभ्यास करने से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और ऊर्जावान बना रह सकता है।


