मेट्रो शहरों में हर महीने 3 और नॉन-मेट्रो शहरों में 5 मुफ्त एटीएम लेन-देन
नई दिल्ली । एटीएम यूजर्स के लिए खास खबर है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एटीएम लेन-देन से जुड़े नए नियम लागू किए हैं, जिनका सीधा असर अब आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। नए नियमों में मुफ्त लेन-देन की सीमा, अतिरिक्त शुल्क और नकदी निकालने व जमा करवाने से जुड़े नियम शामिल हैं। आरबीआई के ये नए नियम डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और बड़े नकद लेन-देन पर निगरानी रखने के उद्देश्य से लागू किए गए हैं।
नए नियमों में मेट्रो और नॉन-मेट्रो शहरों के लिए नई सीमाएं तय की गई हैं जिसमें मेट्रो शहरों में हर महीने 3 मुफ्त एटीएम लेन-देन, नॉन-मेट्रो शहरों में हर महीने 5 मुफ्त एटीएम लेन-देन। इन सीमाओं में कैश निकालने के साथ-साथ बैलेंस चेक और अन्य गैर-वित्तीय लेन-देन भी शामिल हैं। वित्तीय लेन-देन के लिए प्रति लेन-देन 23 रुपए तक शुल्क (जीएसटी सहित), गैर-वित्तीय लेन-देन बैलेंस चेक आदि के लिए 11 रुपए तक शुल्क।
आरबीआई ने काले धन पर रोक लगाने और वित्तीय पारदर्शिता बढ़ाने के लिए नकदी लेन-देन से जुड़े नियम सख्त किए हैं। यदि कोई व्यक्ति एक वित्तीय वर्ष में 20 लाख रुपए या उससे ज्यादा की नकदी जमा या निकासी करता है, तो उसे पेन नंबर और आधार कार्ड देना जरुरी होगा।
जरुरी बात यह है कि एटीएम का इस्तेमाल सोच-समझकर करें। केवल जरूरत पड़ने पर ही कैश निकालें। बैलेंस चेक या मिनी स्टेटमेंट के लिए नेट बैंकिंग या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल करें। बार-बार छोटी रकम निकालने से बचें ताकि अतिरिक्त शुल्क न लगे।


