गोड्डा : हिंदी दिवस सप्ताह समारोह के तहत गुरुवार को सेवा निवृत्त शिक्षक दिलीप कुमार झा की अध्यक्षता में महेशपुर काली मंदिर परिसर में साहित्यिक गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान जिले के प्रख्यात हिंदी शिक्षक राजेन्द्र नारायण सिंह के साहित्य के प्रति समर्पण पर विस्तृत चर्चा की गई। मौके पर सेवा निवृत्त कर्मी सुनील कुमार झा ने कहा कि राजेन्द्र नारायण सिंह हिंदी साहित्य के अमूल्य धरोहर थे। राष्टकवि दिनकर, सूर्यकांत त्रिपाठी निराला, हरिबंश राय बच्चन, महादेवी वर्मा की रचनाओं पर उन्होंने शोध भी किया। आजादी के बाद संतालपरगना स्तरीय उच्च विद्यालय महेशपुर में साहित्यकार व कवि शुद्ध्देव झा उत्पल की प्रेरणा से उन्होंने बतौर हिंदी शिक्षक पदस्थापित हुए। उन्होंने आजादी के दौर के उपरांत अपनी लेखनी व लेखकों की ओजस्वी आलेखों से आम लोगों को प्रेरित किया। उन्होंने हिंदी साहित्य के प्रचार- प्रसाद की दिशा में अनेक कार्य किये। उनकी पांडूलिपी आज भी संग्रहित हैं। उनकी प्रेरणा से उनके पुत्र डा. शिशिर कुमार उनकी ख्याति को बढ़ाने में सराहनीय योगदान दे रहे हैं। सेवा निवृत्त शिक्षक दिलीप कुमार झा ने कहा कि जिले में अनेक साहित्यकारों ने अपनी रचना से गोड्डा का मान बढ़ाया है। इन कवियों में पूर्व विधायक बुद्धिनाथ झा कैरव, परमार जी आदि शामिल थे। इसके अलावा अजय कुमार चौधरी, नवीन कुमार सहित अनेक बुद्धिजीवियों यों ने आदि ने भी विचार व्यक्त किए।
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