नई दिल्ली । त्योहारी सीजन से ठीक पहले आम आदमी को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगने वाला है। ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म सिटि रिसर्च ने अपनी ताजा रिपोर्ट में चेतावनी दी है कि कमजोर मानसून के कारण देश में खाने-पीने की चीजों की कीमतें तेजी से बढ़ सकती हैं। महाराष्ट्र जैसे प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में सूखे जैसे हालात के चलते प्याज की कीमतें पहले ही दोगुनी हो चुकी हैं, वहीं अब चावल, दालों व चीनी पर भी दबाव बढ़ रहा है। इस साल सितंबर के अंत तक देश का लगभग आधा हिस्सा सूखे जैसी स्थिति का सामना कर रहा है, जो पिछले साल के 30 फीसदी से काफी अधिक है। इनमें से लगभग 10 फीसदी क्षेत्र में स्थिति गंभीर है।
कमजोर मानसून के कारण महाराष्ट्र के लगभग 84 फीसदी और पंजाब के 80 फीसदी हिस्से में सूखे जैसे हालात हैं, जिससे खरीफ फसलों की पैदावार पर गंभीर असर पड़ रहा है। अल नीनो के कारण इस साल औसत से 12 फीसदी कम बारिश हुई है, जो 2015 के बाद मानसून में आई सबसे बड़ी कमी है। अगस्त और सितंबर के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में खाद्य महंगाई का दबाव साफ दिख रहा है। देश का तीन-चौथाई प्याज, दो-तिहाई दालें और आधा चावल पैदा करने वाले राज्यों में 10 फीसदी से अधिक बारिश की कमी ने कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है। प्याज के अलावा चीनी, चावल और दालों की कीमतों में भी तेजी दर्ज की गई है। ऐसे में त्योहारी सीजन में कमजोर मानसून का सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ना तय माना जा रहा है।


