देवघर संताल एक्सप्रेस:– इस्कॉन देवघर में भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। रथ यात्रा से पूर्व आयोजित होने वाले पारंपरिक नेत्रोत्सव का आयोजन मंगलवार को श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। मान्यता है कि स्नान पूर्णिमा के बाद भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा 14 दिनों तक अस्वस्थ रहते हैं। 15वें दिन स्वस्थ होने पर उन्हें नए नेत्र प्रदान किए जाते हैं और चंदन व सिंदूर से विशेष श्रृंगार के बाद भक्तों को प्रथम दर्शन कराए जाते हैं। इस अवसर पर इस्कॉन मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान के दर्शन के लिए कतारबद्ध रहे और नेत्रोत्सव का पुण्य लाभ प्राप्त किया।
इस्कॉन देवघर के प्रमुख निवास गोपाल दास ने बताया कि पारंपरिक भव्य रथ यात्रा बुधवार को अपराह्न 3:00 बजे झोसागढ़ी स्थित गौशाला (यूनिट-1) मैदान से प्रारंभ होगी। इस वर्ष रथ यात्रा में कई नई व्यवस्थाएं की गई हैं। सुबह 10:00 बजे से ही गौशाला मैदान में इस्कॉन देवघर रथ यात्रा समिति की ओर से श्रद्धालुओं के बीच महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा। रथ पर विराजमान होने से पूर्व भगवान का विशेष श्रृंगार एवं पहांडी विजय अनुष्ठान संपन्न होगा।
रथ यात्रा मंदिर मोड़, पानी टंकी, फबरा चौक, बजरंगी चौक, राय कंपनी चौक, टावर चौक, वीआईपी चौक, सत्संग नगर चौक, बेला बगान, डढ़वा नदी और चांदपुर होते हुए जसीडीह के रोहिणी मोड़ स्थित दामोदर ग्राम इस्कॉन मंदिर पहुंचेगी। वहां महाआरती और महाप्रसाद वितरण के साथ रथ यात्रा का समापन होगा। इस्कॉन समिति ने अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से रथ यात्रा में शामिल होकर भगवान जगन्नाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है।


