झारखंड की जीडीपी 13 साल में दोगुनी, आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश
रांची: झारखंड के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने सदन में झारखंड आर्थिक सर्वेक्षण रिपोर्ट 2025-26 पेश की। रिपोर्ट के मुताबिक राज्य की अर्थव्यवस्था ने बीते 13 वर्षों में उल्लेखनीय विस्तार दर्ज किया है और 2011-12 की तुलना में 2024-25 में जीडीपी दोगुनी हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार राज्य में प्रति व्यक्ति आय एक लाख के पार हो गयह है। आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार, स्थिर कीमतों पर राज्य की जीएसडीपी 2011-12 में 1,50,918 करोड़ रुपये थी, जो 2024-25 में बढ़कर 3,03,178 करोड़ रुपये हो गई। वहीं, नॉमिनल जीएसडीपी 5,16,255 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है, जो इसी अवधि में तीन गुना से अधिक वृद्धि को दर्शाती है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में वास्तविक वृद्धि दर 7.02 प्रतिशत रही, जो 6.5 प्रतिशत की राष्ट्रीय दर से अधिक है। यह लगातार चौथा वर्ष है जब राज्य की विकास दर 7 प्रतिशत से ऊपर रही। 2020-21 से 2024-25 के दौरान वास्तविक सीएजीआर 8.4 प्रतिशत दर्ज किया गया।
महामारी के बाद मजबूत वापसी
रिपोर्ट बताती है कि महामारी के वर्ष में राज्य की अर्थव्यवस्था में 5.30 प्रतिशत का संकुचन हुआ, जो राष्ट्रीय स्तर पर 5.8 प्रतिशत की गिरावट से कम गंभीर था। 2018-19 से 2024-25 के बीच सात वर्षों में से चार वर्षों में झारखंड ने राष्ट्रीय विकास दर से बेहतर प्रदर्शन किया। रैखिक प्रवृत्ति अनुमान के मुताबिक, वास्तविक जीएसडीपी 2025-26 में 3,21,892 करोड़ रुपये और 2026-27 में 3,41,064 करोड़ रुपये तक पहुंचने की उम्मीद है। हालांकि विकास दर में मामूली कमी के साथ इसे 6 प्रतिशत के आसपास स्थिर विस्तार की ओर बढ़ते हुए देखा जा रहा है। वर्तमान कीमतों पर जीएसडीपी 2025-26 में 5,61,010 करोड़ रुपये और 2026-27 में 6,08,182 करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। यह महामारी के बाद की रिकवरी से दीर्घकालिक स्थिर विकास की ओर संक्रमण को दर्शाता है।
प्रति व्यक्ति आय में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
राज्य की नॉमिनल प्रति व्यक्ति आय पहली बार 1 लाख रुपये के आंकड़े को पार कर 2024-25 में 1,16,663 रुपये तक पहुंच गई। वास्तविक प्रति व्यक्ति आय 68,357 रुपये हो गई है, जो 2011-12 की तुलना में 65.7 प्रतिशत की वृद्धि है। अनुमान के अनुसार, स्थिर मूल्यों पर प्रति व्यक्ति आय 2025-26 में 71,944 रुपये और 2026-27 में 75,670 रुपये तक पहुंच सकती है। वहीं, वर्तमान मूल्यों पर यह क्रमशः 1,25,677 रुपये और 1,35,195 रुपये रहने का अनुमान है। राज्य की प्रति व्यक्ति आय 2016-17 से राष्ट्रीय औसत के लगभग 60 प्रतिशत के आसपास स्थिर बनी हुई है, जो यह दर्शाता है कि झारखंड राष्ट्रीय आय वृद्धि के साथ तालमेल बनाए हुए है।
महंगाई में जनता को मिली राहत
मुद्रास्फीति 2024-25 में घटकर औसतन 4.0 प्रतिशत पर आ गई, जो 2023 के 6.0 प्रतिशत से कम है। कोर मुद्रास्फीति 2.5 से 3.0 प्रतिशत के दायरे में रही, जो आरबीआई के लक्ष्य के भीतर है। ग्रामीण-शहरी महंगाई अंतर भी 2024 तक लगभग समाप्त हो गया। नॉमिनल प्रति व्यक्ति आय में 9.5 प्रतिशत की वृद्धि और 4 प्रतिशत की सीपीआई मुद्रास्फीति के बीच वास्तविक प्रति व्यक्ति आय में लगभग 5.3 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो लोगों की क्रय शक्ति में सुधार का संकेत देती है।


