मुंबई । आज 1 अक्टूबर से कई महत्वपूर्ण नियमों और दरों में बदलाव होने की संभावना है। इनका सीधा असर आम लोगों के घरेलू बजट और रोजमर्रा के खर्च पर पड़ सकता है। एलपीजी सिलेंडर और विमान ईंधन की कीमतों की मासिक समीक्षा से लेकर एटीएम शुल्क, इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों और फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) से जुड़े नियमों तक कई बदलावों पर लोगों की नजर है।
1) एलपीजी सिलेंडर की कीमतों पर नजर
तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एलपीजी सिलेंडर की कीमतों की समीक्षा करती हैं। ऐसे में 1 अक्टूबर को घरेलू और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के नए दाम जारी होने की संभावना है। पिछले कुछ महीनों में 19 किलो वाले व्यावसायिक सिलेंडर की कीमतों में कई बार बदलाव हुए हैं, जबकि 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर के दाम अपेक्षाकृत स्थिर रहे हैं। अक्टूबर में कीमतों में क्या बदलाव होता है, यह आधिकारिक घोषणा के बाद ही स्पष्ट होगा। एलपीजी ग्राहकों के लिए ई-केवाईसी और आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन भी महत्वपूर्ण हो सकता है। आवश्यक सत्यापन पूरा नहीं करने वाले ग्राहकों को सब्सिडी से जुड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। कुछ क्षेत्रों में सिलेंडर डिलीवरी के लिए ओटीपी आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू हो सकती है।
2) विमान यात्रा का खर्च भी प्रभावित हो सकता है
एलपीजी के साथ तेल कंपनियां हर महीने की पहली तारीख को एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की कीमतों की भी समीक्षा करती हैं। एटीएफ की कीमत बढ़ने या घटने से विमान कंपनियों की परिचालन लागत प्रभावित हो सकती है। इसका असर आगे चलकर हवाई टिकटों की कीमतों पर भी पड़ सकता है। हालांकि टिकट की अंतिम कीमत केवल एटीएफ पर निर्भर नहीं करती, इसलिए यात्रियों को 1 अक्टूबर को जारी होने वाले नए एटीएफ दाम पर नजर रहेगी।
3) एसबीआई ग्राहकों के एटीएम शुल्क में बदलाव की संभावना
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के कुछ ग्राहकों के लिए एटीएम से नकद निकासी के शुल्क में बदलाव की संभावना है। बीएसबीडी यानी बेसिक सेविंग्स बैंक डिपॉजिट खातों में निर्धारित मुफ्त एटीएम लेनदेन की सीमा समाप्त होने के बाद अतिरिक्त शुल्क लग सकता है। बताए गए प्रावधानों के अनुसार, मुफ्त सीमा पार करने पर प्रत्येक ATM लेनदेन के लिए 15 रुपये और जीएसटी का शुल्क लग सकता है। वहीं कुछ सैलरी अकाउंट ग्राहकों के लिए भी मुफ्त एटीएम लेनदेन की सीमा में बदलाव की संभावना बताई गई है। सीमा पार होने के बाद वित्तीय लेनदेन पर 23 रुपये और जीएसटी, जबकि गैर-वित्तीय लेनदेन पर 11 रुपये और जीएसटी का शुल्क लागू हो सकता है। हालांकि ग्राहकों को अंतिम शुल्क और लागू नियमों की पुष्टि एसबीआई की आधिकारिक सूचना से करनी चाहिए।
4) टीवी, फ्रिज और एसी महंगे होने की संभावना
त्योहारी सीजन में अगर आप टीवी, फ्रिज, एसी या अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो कीमतों पर नजर रखना जरूरी होगा। तांबा, स्टील, एल्युमिनियम और कच्चे तेल जैसी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ने की बात सामने आई है। इसके अलावा परिवहन लागत भी कीमतों को प्रभावित कर सकती है। ऐसे में कुछ इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की कीमतों में करीब 8 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है। हालांकि वास्तविक बढ़ोतरी कंपनी, उत्पाद, मॉडल और बाजार की स्थिति के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
5) एफडी से जुड़े नियमों में बदलाव
फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) कराने वाले ग्राहकों के लिए भी अक्टूबर से कुछ बदलाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं। बैंकों को एफडी पर लागू ब्याज दरों की जानकारी अधिक पारदर्शी तरीके से उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। ग्राहकों को बैंक की वेबसाइट पर संबंधित ब्याज दरों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, एक ही दिन स्वीकार की गई समान प्रकार की जमाओं पर समान ब्याज दर से जुड़े प्रावधानों तथा बड़ी रकम की जमाओं पर लागू ब्याज दरों के नियमों में भी बदलाव हो सकते हैं।
– क्या होगा सीधा असर?
1 अक्टूबर से संभावित बदलावों का असर आम लोगों के घरेलू बजट, ATM उपयोग, हवाई यात्रा, इलेक्ट्रॉनिक सामान की खरीद और बचत योजनाओं पर पड़ सकता है। हालांकि एलपीजी और एटीएफ की कीमतें हर महीने बदल सकती हैं, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान की कीमतों में बदलाव कंपनी और मॉडल के अनुसार अलग-अलग होगा। इसलिए 1 अक्टूबर को संबंधित तेल कंपनियों, बैंकों और अन्य संस्थानों की ओर से जारी आधिकारिक दरों और नियमों की पुष्टि करना जरूरी होगा।


