जमशेदपुर । झारखंड ग्रास रुट इनोवेशन इंटर्नशिप स्कीम 2026, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा झारखंड विज्ञान प्रावैधिकी एवं नवाचार परिषद के सौजन्य से नई शिक्षा नीति के तहत स्नातक स्तर के विद्यार्थियों के लिए राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में प्रारंभ किया गया था। इस कार्यक्रम के काॅर्डिनेटर डॉ०सुनीता कुमारी, विभागाध्यक्ष, स्नातकोत्तर भूगोल विभाग तथा मेंटर आफ मेंटर्स श्रृषभ साहू हैं।उसके तहत एबीएम काॅलेज जमशेदपुर के टीम:-2 के द्वारा आज बेलाजुड़ी पंचायत में नाॅलेज शेयरिंग सेशन का आयोजन किया गया।यह कार्यक्रम समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सह फेकल्टी मेंटर डाॅ संजय कुमार झा के निर्देशन में चयनित टीम-2 के कोमल कुमारी (टीम लीडर ) सिम्पी कुमारी,सिया कुमारी तथा फलक परवीन प्रवीण के द्वारा गोलमुरी सह जुगसलाई प्रखंड के बेलाजुड़ी पंचायत में आज संपन्न किया गया।इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एबीएम काॅलेज के प्राचार्य डॉ नरेश कुमार, समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर सह फेकल्टी मेंटर डाॅ०एस०के०झा,मुखिया भागीरथ मांझी, तथा पंचायत सचिव एवं नवाचार से संबंधित जानकारी प्रदान करने वालों के अतिरिक्त सैकड़ों गणमान्य ग्रामीणों की गरिमामय उपस्थिति में कार्यक्रम को दीप प्रज्ज्वलित करके आरंभ किया गया।
फलक परवीन ने झारखंड ग्रास रुट इनोवेशन इंटर्नशिप पर सभी अतिथियों का स्वागत की जबकि सिम्पी कुमारी ने सर्वेक्षण अध्ययन का सारांश प्रस्तुत की।एबीएम काॅलेज के प्राचार्य डॉ०नरेश कुमार ने 1 जून से 24 जुलाई तक विद्यार्थियों के द्वारा क्षेत्र भ्रमण करने के बाद वैज्ञानिक विधि से किये गये अध्ययन तथा शोध तकनीकी अवलोकन, साक्षात्कार, अनुसूची प्रपत्र के माध्यम से आंकड़ों के संकलन व विश्लेषण के बाद निष्कर्ष को जिस तरह से ग्रामीणों के समक्ष रखने एवं वनोत्पाद में नवाचार तथा औषधीय पौधों के उपयोग को नवाचार के रुप में जिस प्रकार से रखा गया उसके लिये उन्होंने सभी विद्यार्थियों तथा समाजशास्त्र विभाग की काफी सराहना किए। साथ ही असिस्टेंट प्रोफेसर सह फेकल्टी मेंटर डाॅ०एस०के०झा के साथ साथ इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थियों के प्रयास को काफी सराहनीय प्रयास बतलाया। मुखिया भागीरथ मांझी ने इंटर्नशिप करने वाले सभी विद्यार्थियों को हर मोड़ पर सहयोग किया तथा इस प्रकार के अध्ययन की प्रशंसा करते हुए इस प्रकार के कार्यक्रम को भविष्य में भी चलाते रहने के लिए सरकार से अपील किए।
फेकल्टी मेंटर सह समाजशास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ ० संजय कुमार झा ने बेलाजुड़ी पंचायत की परंपरागत संस्कृति,इतिहास, सामाजिक आर्थिक परिस्थितियों, तथा नवाचार के रुप में पौधों का औषधीय प्रयोग,जल को संरक्षित करने के नये उपाय , पंरपरागत भोजन, वयोवृद्ध लोगों के अनुभवों पर विस्तार से बतलाया। मनोज पटनायक के द्वारा किए गए बागवानी और उससे होने वाले आर्थिक लाभ के तरीके पर भी प्रकाश डाले।टीम लीडर कोमल कुमारी ने 11 स्थानीय नवाचारों और पारंपरिक ज्ञान के उदाहरण दिए। इनमें सौर पंप आधारित ग्रेविटी ड्रिप सिंचाई, जामुन से मूल्यवर्धित उत्पाद, नीम आधारित जैविक कीटनाशक, पारंपरिक औषधीय पौधे, हस्तनिर्मित शिल्प, पारंपरिक पौष्टिक भोजन, मौसम के पारंपरिक संकेत, सामुदायिक संसाधनों का प्रबंधन जैसे उदाहरण प्रस्तुत किए।इस अवसर पर टीम -1 के इंटर्नशिप करने वाले विद्यार्थी नेहा परवीन,नीधि कुमारी, मीनाक्षी कुमारी तथा महेंद्र पाल सिंह भी उपस्थित रहे।अंत में सिया कुमारी के द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया।


