अशोक कुमार
आप पाठकों को यह जानकर प्रसन्नता होगी कि आज से संताल एक्सप्रेस नवें वर्ष में पदार्पण कर चुका है। आठ वर्ष की यात्रा में संताल एक्सप्रेस पूरे संताल परगना के लोगों की आवाज बनकर उभरा है। खासकर आदिवासियों, दलितों एवं अल्पसंख्यकों की दबी जुबान को अखबार ने स्वर देने का सार्थक प्रयास किया है। हर वर्ग के लोगों की समस्याओं को हमने उजागर किया है। यही कारण है कि हर वर्ग में संताल एक्सप्रेस लोकप्रिय होता जा रहा है। झारखंड ही नहीं बल्कि बिहार, छत्तीसगढ़, ओडिशा और पं बंगाल के आदिवासी बाहुल्य जिलों में संताल एक्सप्रेस की मांग बढ़ती जा रही है। इन राज्यों में कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में पढऩे और पढ़ानेवाले संताली भाषा के छात्र,छात्राओं एवं शिक्षकों के बीच यह अखबार सर्वाधिक पढ़ा जा रहा है। हमने पढ़ाई से लेकर खेल, कला, संगीत और फिल्मों आदि क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन कर राज्य और देश का गौरव बढ़ानेवाल राज्य के युवक- युवतियों को विशेष कवरेज देकर उनका हौसला बढ़ाया है। दीपिका से लेकर महेंद्र सिंह धौनी,सौरभ तिवारी जैसे झारखंडी प्रतिभाओं ने देश-विदेश में नाम रौशन कर झारखंड के नाम को गौरवान्वित किया है। पत्रकारिता के क्षेत्र मेंं आदिवासी समाज आज भी काफी पिछड़ा है। हमने संताली पेज देकर इस समाज के युवाओं को पत्रकारिता से जोड़ा है। संतालपरगना के विकास के पैमाना को देखें तो यह आभास होता है कि संतालपरगना के विकास में यहां के राजनेताओं में, चाहे वे पक्ष के हों या विपक्ष के , कोई खास रुचि नहीं दिखाई है। अपवाद में सांसद निशिकांत दुबे को माना जा सकता है। निशिकांत दुबे ने संताल परगना में खासकर गोड्डा और देवघर के अपने संसदीय क्षेत्र में रेलवे के विस्तार को ऐतिहासिक बढ़त देकर सराहनीय काम किया है। लेकिन आज भी साहिबगंज ,पाकुड़ एवं दुमका से रेलवे संपर्क नहीं बढ़ा है। दुमका का एयरपोर्ट कई साल से बनकर तैयार है लेकिन वहां से किसी स्थान के लिए यात्रियों के लिए कोई हवाई सेवा शुरू नहीं की जा सकी है। संसद में दुमका, साहिबगंज एवं पाकुड़ के विकास के लिए दमदार और जोरदार आवाज उठानेवालों की कमी है। जो सांसद इस क्षेत्र से हैं भी, तो उनकी आवाज संसद में सरकार सुन नहीं रही है। इस क्षेत्र से निशिकांत दुबे जैसा प्रभावशाली सांसद की कमी दिखाई देती है। कांग्रेस के विधायक प्रदीप यादव और देवघर के विधायक सुरेश पासवान विधानसभा में क्षेत्र के विकास के लिए बराबर गुहार लगाते देखे जाते हैं। इस वर्ष संताल एक्सप्रेस ने संताल परगना के बाद कोल्हान में अपने कदम रखे हैं। सावन पूर्णिमा के दिन से संताल एक्सप्रेस के जमशेदपुर संस्करण की शुरुआत हो गई है। कोल्हान क्षेत्र की एक बड़ी आबादी जनजातीय समुदाय से आती है। जमशेदपुर संस्करण में संताली पेज पर ओलचिकी लिपि में खबरें देकर वहां के संताली पाठकों की लंबी मांग को हम पूरा कर रहे हैं। आगे कुछ ही दिनों में हम हो भाषा में भी सामग्रियां देने जा रहे हैं। आपसबों के सहयोग, समर्थन और संताल एक्सप्रेस के प्रति स्नेह बनाये रखने के लिए हम हृदय तल से आभार व्यक्त करते हैं।


