बार-बार पेपर लीक होने से आक्रोशित छात्रों ने किया दुमका के सभी मुख्य मार्गों को जाम, बंद रही दुकानें,आवागमन ठप
परीक्षा रद्द नहीं करने पर छात्रों ने दी पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी
दुमका । जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा 2023 को रद्द करने की मांग को लेकर छात्र समन्वय समिति की ओर से गुरुवार तीन अक्टूबर को झारखंड बंद का सूबे की उपराजधानी दुमका में आंशिक असर देखने को मिला | बंद को लेकर गुरुवार को अहले सुबह से छात्रों ने सड़क पर उतरकर रोड जाम कर दिया, जिससे उपराजधानी के मुख्य मार्गों पर वाहनों की लम्बी कतार लग गई| दुमका के सभी दस प्रखंड दुमका, जामा, जरमुंडी, सरैयाहाट, मसलिया, रानीश्वर, शिकारीपाड़ा, गोपीकांदर, काठीकुंड एवं रामगढ़ में सड़क को जाम कर दिया गया, छात्रों ने आवागमन को पूरी तरह ठप्प कर दिया। इमरजेंसी सेवा को जाम से मुक्त रखा गया। इस दौरान एम्बुलेंस,दूध वाहन, पुलिस वाहन व पत्रकारों को बंदी से छूट दी गई| छात्रों के बंद का सर्वाधिक असर दुमका – पाकुड़, दुमका साहेबगंज एवं दुमका भागलपुर व दुमका देवघर मार्ग पर रहा| मामले में छात्र नेता श्याम देव हेम्ब्रम ने कहा कि हेमंत सोरेन सरकार ने पिछले साढ़े चार वर्षों में एक भी बेरोजगार को नौकरी नहीं दी और अब जब सरकार का कार्यकाल पूरा हो रहा है तब परीक्षा ली गयी, लेकिन इस परीक्षा में भी अनियमितता बरती गई| पिछले 21 और 22 सितंबर को आहूत जेएसएससी- सीजीएल परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर गुरुवार को बंदी का आह्वान किया गया था जो लोगों के सहयोग से पूरी तरह सफल रहा| उन्होंने कहा कि झारखंड स्टेट सर्विस कमीशन (जेएसएससी) की ओर से 21 और 22 सितंबर को आयोजित कॉमन ग्रेजुएट लेवल एग्जाम (सीजीएल) परीक्षा को रद्द कराने की मांग को लेकर 3 अक्टूबर को आहूत झारखंड बंद शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ। कहा कि झारखंड सरकार ने नियुक्ति हेतु जितनी भी परीक्षा आयोजित की सभी परीक्षाओं में पेपर लीक का मामला सामने आता रहा है और हर बार नौजवानों को सरकार ने ठगने का काम किया है। झारखंड सरकार जेएसएससी परीक्षा के आयोजन हेतु जिस एजेंसी को लगाती है, बार बार पेपर लीक का मामला सामने आता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की लापरवाही से त्रस्त पूरे प्रदेश के छात्रों ने परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर झारखंड बंद का आह्वान किया है। परीक्षा रद्द नहीं करने पर छात्र नेताओं ने सरकार को आर्थिक नाकेबंदी की चेतावनी दी है| कहा कि इस परीक्षा को रद्द नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में पूरे राज्य में अनिश्चितकालीन आर्थिक नाकेबंदी की जाएगी,जिसकी पूरी जिम्मेदारी हेमंत सोरेन सरकार की होगी| बताते चलें कि जिला प्रशासन ने झारखंड बंद को लेकर दुमका के सभी चौंक चौराहों पर पुलिस बल की तैनाती की थी| बहरहाल छात्र समन्वय समिति द्वारा आहूत झारखंड बंद के शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न होने से पुलिस प्रशासन के साथ साथ आमजनों ने राहत भी राहत की सांस ली है|


