नागपुर । महाराष्ट्र हाईकोर्ट की नागपुर खंडपीठ ने एक महत्वपूर्ण फैसले में कहा है कि तोता जंगली पक्षी की श्रेणी में आता है, इसलिए उसके द्वारा फसलों को पहुंचाए गए नुकसान की भरपाई राज्य सरकार को करनी होगी। यह मामला किसानों की फसलों, खासकर अनार के पेड़ों को हुए नुकसान से जुड़ा था।
अदालत ने स्पष्ट किया कि वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत जंगली जीव राज्य की संपत्ति माने जाते हैं, ऐसे में उनके कारण हुए नुकसान की जिम्मेदारी भी राज्य सरकार की होती है। कोर्ट ने संबंधित मामले में प्रति पेड़ 200 रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। इस फैसले को किसानों के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि लंबे समय से जंगली पक्षियों और जानवरों द्वारा फसलों को नुकसान पहुंचाने की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब इस निर्णय के बाद किसानों को आर्थिक सहायता मिलने की उम्मीद बढ़ गई है।


