कोलकाता । पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में बुधवार रात एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। भाजपा के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी के निजी सहायक चंद्रनाथ रथ की अज्ञात बदमाशों ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी, जब वे कोलकाता से अपने घर मध्यमग्राम लौट रहे थे। इस घटना ने राज्य में राजनीतिक तनाव को और गहरा कर दिया है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि इस हत्याकांड को बेहद पेशेवर तरीके से अंजाम दिया गया। बुधवार रात जब चंद्रनाथ रथ अपनी एसयूवी से घर लौट रहे थे, तभी एक ट्रैफिक सिग्नल के पास उनकी गाड़ी की रफ्तार धीमी हुई। इसी दौरान एक हैचबैक कार ने उनकी एसयूवी का रास्ता रोक लिया। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, यह हमला शार्प शूटर्स द्वारा किया गया था जिनका एकमात्र लक्ष्य ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठे चंद्रनाथ रथ थे। हमलावरों ने इतनी सटीकता से निशाना साधा कि गोलियां सीधे रथ के सिर, छाती और पेट में लगीं। हमला कितना सटीक था, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एसयूवी की बॉडी या सामने के शीशे पर गोली का एक भी निशान नहीं मिला। इस गोलीबारी में उनके करीब होने के कारण ड्राइवर भी घायल हुआ है।
वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर अपनी कार एक सुनसान जगह पर छोड़कर किसी अन्य वाहन से फरार हो गए। पुलिस ने जब बरामद की गई कार की नंबर प्लेट की जांच की, तो एक बड़ा खुलासा हुआ। कार पर लगा रजिस्ट्रेशन नंबर मध्यमग्राम से करीब 557 किलोमीटर दूर सिलीगुड़ी के रहने वाले विलियम जोसेफ की गाड़ी का था। पुलिस द्वारा संपर्क किए जाने पर जोसेफ ने बताया कि उस नंबर की उनकी असली कार सुरक्षित उनके गैराज में खड़ी है। जांच में पता चला कि हत्यारों ने पुलिस को चकमा देने के लिए फर्जी नंबर प्लेट का इस्तेमाल किया था। कार के मालिक जोसेफ ने बताया कि उन्होंने हाल ही में अपनी कार बेचने के लिए एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर विज्ञापन डाला था, जहां से शायद अपराधियों ने नंबर की जानकारी जुटाई। फिलहाल पुलिस पेशेवर शूटरों और इस साजिश के पीछे के असली चेहरों की तलाश में जुटी है। इस हत्याकांड के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है।


