संताल एक्सप्रेस संवाददाता
साहिबगंज- झारखंड यूरोलॉजी सोसायटी के तत्वावधान में शुक्रवार को आयोजित 7वें वार्षिक सम्मेलन जेयूएससीओएन का विधिवत उद्घाटन शुक्रवार को सूर्या नर्सिंग एजुकेशन कॉलेज में कोलकाता के प्रसिद्ध सीनियर यूरोलॉजिस्ट और रीनल ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ पीके मिश्रा, अध्यक्ष डॉ अनूप साहू, डॉ हरप्रीत सिंह, अध्यक्ष ईस्ट जॉन डॉ रंजन डे, ऑर्गनाइज अध्यक्ष डॉ विजय कुमार, सचिव डॉ सुमित कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया.
वही मुख्य अतिथि डॉ पीके मिश्रा ने कहा कि वार्षिक सम्मेलन में लगभग 50 विशेषज्ञ चिकित्सक शामिल हुए है.इस कार्यक्रम का उद्देश्य है कि यूरोलॉजिक देश के कोने कोने में जाएं . सभी को आधुनिक तकनीक की जानकारी दिया जाता है. न्यू जनरेशन यूरोलॉजिक जो उभरते है उसको इससे ज्यादा से ज्यादा लाभ मिलता है. वही डॉ रंजन डे ने कहा कि जिला में ये इवेंट मेमोरिबल इवेंट रहा. झारखंड यूरोलॉजिकल सोसाइटी का यह कार्यक्रम सीखने ओर जानकारी के लिए काफी अच्छा प्लेटफॉर्म है. यहां पर सभी स्पेशलिस्ट अपने अनुभवों का साझा कर रहे हैं.वही डॉ एम के सेनापति ने कहा कि झारखंड यूरोलॉजिकल सोसाइटी 2015 में बनाया गया. हर वर्ष सम्मेलन होता है. सम्मेलन में देश के चिकित्सक शामिल होते है. वही स्वागत भाषण देते हुए वरिष्ठ चिकित्सक विजय कुमार ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य यूरोलॉजी के क्षेत्र में विभिन्न विशेषज्ञ चिकित्सकों के द्वारा नए आयामों और शोध की जानकारी साझा करना है.साहिबगंज जिला झारखंड का एकमात्र जिला जो गंगा ओर पहाड़ के नीचे बीच बसा हुआ है. गंगा मां की धरती पर पहली बार हिंदुस्तान के कोने कोने से स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का आगमन हुआ है. सभी का साहिबगंज की धरती पर स्वागत है.वही सम्मेलन में मूत्र रोगों के उपचार, अत्याधुनिक सर्जिकल तकनीकों और चिकित्सा क्षेत्र में हो रहे नवीन शोधों पर विस्तार से चर्चा की गई. सम्मेलन के समापन अवसर पर वैलिडिक्टरी फंक्शन, समूह फोटो एवं विदाई समारोह आयोजित किया जाएगा. इसके बाद प्रतिभागियों के लिए गंगा विहार और गंगा क्रूज का विशेष कार्यक्रम तय है. कार्यक्रम के आयोजक झारखंड यूरोलॉजी समिति के डॉक्टर सुमित कुमार ने समापन भाषण देते हुए कहा कि जेयूएससीओएन न केवल चिकित्सा विशेषज्ञों के लिए ज्ञान और अनुभव साझा करने का मंच बनेगा. बल्कि झारखंड विशेषकर साहिबगंज को राष्ट्रीय चिकित्सा मानचित्र पर एक नई पहचान भी दिलाएगा. मौके पर न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. अरविंद अग्रवाल, डॉ. प्रेम कुमार, डॉ राजीव बत्स, डॉ हरप्रीत सिंह, डॉ अशोक कुमार गुप्ता, डॉ शशांक धानुका, डॉ जयकुमार, डॉ विकास कुमार, डॉ रंजन दे, डॉ.एमके सेनापति, डॉ हरीश कुमार सिंह, डॉ अरशद जमाल, डॉ अमिताभ सिंहा, डॉ राजकुमार शर्मा, डॉ अनूप साहू, डॉ डीके मिश्रा, डॉ सरवन कुमार, डॉ अरविंद कुमार प्रभात शाहिद आणि सहित दर्जनों चिकित्सक उपस्थित थे।


