पीसीसी सड़क, घर मे आई दरार, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर
धनबाद। कतरास केव सोनारडीह टांडाबाड़ी में बुधवार की सुबह एक बार फिर भू- धंसान की घटना हुई। इसमें मंदिर, कुछ घर तथा पीसीसी सड़क को नुकसान हुआ है। भू – धंसान की नई घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। मालूम हो कि टांडा बाड़ी में ही 31 मार्च को भू- धंसान की घटना में तीन लोग जमींदोज हो गए थे। टांडाबाड़ी बस्ती में बुधवार सुबह एक बार फिर भू-धंसान हुआ। जिससे कुछ स्थानों पर जमीन चार फीट तक धंस गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और दहशत के माहौल में लोग अपने घरों से जरूरी सामान लेकर बाहर निकल आए। 31 मार्च की घटना के बाद बीसीसीएल रेस हुई थी। सभी के पुनर्वास की बात कही गई थी, लेकिन मामला ठंढा पड़ते ही बीसीसीएल तथा जिला प्रशासन सुध तक ले रहा है।
बुधवार की घटना के बाद लोग तेज धूप में खुले आसमान के नीचे सड़कों और मैदान में अपने परिवार और छोटे-छोटे बच्चों के साथ रहने को मजबूर हैं। जिससे लोगों में भारी आक्रोश है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि पिछली घटना को करीब 20 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक उन्हें न तो पुनर्वास की व्यवस्था दी गई और न ही स्थायी समाधान। ग्रामीणों का कहना है कि बीसीसीएल ने अपने छह कर्मियों को पहले ही सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया, लेकिन आम लोगों को खतरे के बीच छोड़ दिया गया है। लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि यदि बीसीसीएल कर्मियों को नुकसान होता है तो कंपनी को भारी मुआवजा देना पड़ता है, जबकि आम लोगों के साथ ऐसा नहीं है, इसलिए उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार राहत कैंप भी बंद कर दिया गया है, जिससे महिलाएं, पुरुष और बच्चे भूख-प्यास से जूझ रहे हैं।


