रांची । दुमका हवाई अड्डे से नियमित वाणिज्यिक विमान सेवा शुरू करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य मंत्रिमंडल ने दुमका एयरपोर्ट पर विमानन मौसम सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के साथ एकरारनामा (एमओयू) करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।इस फैसले से एयरपोर्ट को आवश्यक लाइसेंस मिलने और उड़ान सेवाएं शुरू होने का रास्ता और साफ हो गया है।क्षेत्रीय संपर्क योजना (आरसीएस-उड़ान) के तहत दुमका हवाई अड्डे से रांची, पटना और कोलकाता के लिए नियमित विमान सेवा शुरू करने के प्रस्ताव को केंद्र सरकार पहले ही मंजूरी दे चुकी है। केंद्र सरकार द्वारा एयरपोर्ट के उन्नयन पर लगभग 28.14 करोड़ रुपये खर्च किये गये हैं। इसके तहत टर्मिनल भवन, कंट्रोल टावर, फायर स्टेशन और रनवे सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया गया है।
आइएमडी के साथ यह समझौता कॉस्ट रिकवरी के आधार पर किया जायेगा।राज्य सरकार के पास विमानन मौसम सेवाओं के संचालन के लिए आवश्यक तकनीकी मानव संसाधन और उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में आइएमडी एयरपोर्ट पर आवश्यक विशेषज्ञ कर्मियों की तैनाती के साथ मौसम संबंधी उपकरणों की स्थापना और संचालन करेगा। यह समझौता प्रारंभिक तौर पर पांच वर्षों के लिए होगा, जिसे आपसी सहमति से आगे भी बढ़ाया जा सकेगा। समझौते के तहत राज्य सरकार एयरपोर्ट ऑपरेटर के रूप में मौसम विभाग के उपकरणों के लिए बिजली आपूर्ति, सिग्नल केबल, कार्यालय कक्ष, कर्मियों के आवास और परिवहन की व्यवस्था नि:शुल्क उपलब्ध करायेगी।साथ ही आइएमडी कर्मियों के वेतन और अन्य भत्तों की प्रतिपूर्ति भी राज्य सरकार करेगी।
वहीं, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन (आइसीएओ) और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप मौसम संबंधी उपकरणों की खरीद, स्थापना और संचालन करेगा. आइएमडी द्वारा हर 30 मिनट पर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को मौसम की अद्यतन और सटीक जानकारी उपलब्ध करायी जायेगी। इससे विमान संचालन सुरक्षित और सुचारु रूप से हो सकेगा।दुमका हवाई अड्डा वर्तमान में राज्य सरकार के स्वामित्व में है और नागर विमानन विभाग द्वारा डीजीसीए से एयरोड्रोम लाइसेंस प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है।मौसम सेवाओं की व्यवस्था सुनिश्चित होने के बाद लाइसेंस मिलने की संभावना बढ़ गयी है।इससे दुमका सहित संथाल परगना क्षेत्र के लोगों को जल्द ही हवाई संपर्क की सुविधा मिलने की उम्मीद है।


