नई दिल्ली । भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने 5 से 17 वर्ष की आयु के बच्चों के माता-पिता के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी जारी की है। अपने बच्चों के आधार में बायोमैट्रिक विवरण अपडेट कराने की अंतिम तिथि 30 सितंबर तय की गई है। यह प्रक्रिया आधार केंद्रों पर अभी मुफ्त में की जा रही है, लेकिन डेडलाइन चूकने पर न सिर्फ आपको शुल्क देना होगा, बल्कि आपके बच्चों के कई महत्वपूर्ण काम भी अटक सकते हैं। इसमें स्कूल में प्रवेश, छात्रवृत्ति के आवेदन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ शामिल है।
यूआईडीएआई ने पोस्ट के जरिए स्पष्ट किया है कि बच्चों के 5 और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर बायोमैट्रिक अपडेट अनिवार्य है। दरअसल, 5 साल से कम आयु में बच्चे के बायोमैट्रिक्स, जैसे फिंगरप्रिंट और आईरिस स्कैन, पूरी तरह से विकसित नहीं होते। इसलिए, पांच वर्ष पूरे होने पर पहला और फिर 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर दूसरा बायोमैट्रिक अपडेट आवश्यक होता है। यह अपडेट पहचान सत्यापन को सुगम बनाता है और यह सुनिश्चित करता है कि बच्चे का आधार रिकॉर्ड सटीक और अद्यतन रहे।
आधार अब भारत में पहचान का अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज बना है। छात्रों के लिए, इसका उपयोग शैक्षणिक प्रवेश, परीक्षाओं और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में व्यापक रूप से होता है। समय पर अपडेट न होने से भविष्य में पहचान संबंधी सत्यापन में बाधाएं आ सकती हैं। यूआईडीएआई ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और जल्द से जल्द नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कराएं। इस अभियान के तहत देशभर में लगभग 2 करोड़ बच्चों के बायोमैट्रिक अपडेट पहले ही पूरे किए जा चुके हैं।


