नई दिल्ली । भारत की ऐतिहासिक धरोहरें अपनी भव्यता के साथ कई ऐसे रहस्यों को भी समेटे हुए हैं, जिनका आकर्षण आज भी लोगों और शोधकर्ताओं के लिए बना हुआ है। इन्हीं अनोखी धरोहरों में से एक तेलंगाना के करीमनगर जिले में एलगंदल किले के निकट स्थित सदियों पुरानी दो मीनार मस्जिद है। यह ऐतिहासिक इमारत केवल कुतुब शाही और आसफ जाही शासनकाल की स्थापत्य कला का उत्कृष्ट उदाहरण ही नहीं है, बल्कि अपनी अनूठी इंजीनियरिंग के कारण भी विशेष पहचान रखती है।
इसकी संरचना और तकनीक को देखकर विशेषज्ञ भी आश्चर्यचकित हैं। चारमीनार की तरह यह इमारत भी अपने समय की बेहतरीन कारीगरी और वास्तु कौशल का शानदार नमूना है, जिसे देखने देश-विदेश से हजारों पर्यटक यहां आते हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) ने संरक्षित यह ऐतिहासिक मस्जिद प्रसिद्ध एलगंदल किले से करीब एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इसकी सबसे बड़ी विशेषता इसकी दो ऊंची और आकर्षक मीनारें हैं। मीनारों के अंदर बेहद संकरी और घुमावदार सीढ़ियां बनाई गई हैं, जिन्हें बड़े ही सटीक ढंग से तराशे गए पत्थरों से तैयार किया गया है। इन सीढ़ियों से ऊपर पहुंचने पर बने झरोखों से एलगंदल किले के साथ आसपास का प्राकृतिक दृश्य बेहद मनमोहक दिखाई देता है।
हालांकि, इस मस्जिद की सबसे अनोखी पहचान इसकी रहस्यमयी ‘झूलती मीनारें’ हैं। बताया जाता है कि यदि कोई व्यक्ति एक मीनार के ऊपरी हिस्से को हल्के से हिलाता है, तो कुछ ही क्षणों में दूसरी मीनार में भी कंपन होने लगता है। सबसे हैरानी की बात यह है कि दोनों मीनारों को जोड़ने वाला मुख्य ढांचा पूरी तरह स्थिर बना रहता है। माना जाता है कि यह तकनीक उस समय भूकंप के प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से विकसित की गई थी। यह अद्भुत संरचना उस दौर के शिल्पकारों और इंजीनियरों की उच्च वैज्ञानिक समझ, तकनीकी दक्षता और निर्माण कौशल का प्रमाण है।
रिपोर्ट के मुताबिक काकतीय शासकों, कुतुब शाही सुल्तानों और हैदराबाद के निजामों के शासनकाल की साक्षी रही यह ऐतिहासिक मस्जिद आज भी इतिहासकारों, पुरातत्वविदों और शोधकर्ताओं के लिए अध्ययन का अहम विषय है। प्रशासन ने इसे संरक्षित स्मारक का दर्जा दिया है, ताकि भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अद्भुत स्थापत्य कला और प्राचीन वैज्ञानिक सोच को आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखा जा सके। यह धरोहर आज भी भारतीय वास्तुकला की उत्कृष्ट परंपरा और प्राचीन इंजीनियरिंग की अनूठी मिसाल के रूप में लोगों को आकर्षित कर रही है।


