भुक्तभोगी कमला पहाड़िया ने सुनाई अपनी पीड़ा, शाखा प्रबंधक ने किया इनकार
संताल एक्सप्रेस संवाददाता
अमड़ापाड़ा(पाकुड़) । प्रखण्ड क्षेत्र के सिंगारसी स्थित एसबीआई शाखा के शाखा प्रबंधक और उसके सहयोगी के द्वारा डेढ़ लाख रुपये अनैतिक तरीके से लेने का मामला सामने आया है। भुक्तभोगी आदिम जनजाति समाज से आने वाला कमला पहाड़िया है। कमला पहाड़िया की माने तो वो जब तक पैसे देने के लिए तैयार नहीं हुआ तब तक उसे उसके अपने ही खाते से लेन देन करने तक नहीं दिया गया। कमला पहाड़िया ने बताया कि बीते 15 मार्च को शाखा प्रबंधक सचिन शेखर और उसके एक सहयोगी उसे अपने कार में बैठाकर पहले लिट्टीपाड़ा क्षेत्र अंतर्गत सिमलोंग एसबीआई शाखा ले गए। इसी बीच शाखा प्रबंधक ने अपनी कार से निकालकर ग्राहक को उसका चेकबुक दिया। चेक संख्या 718401 में डेढ़ लाख रुपये बतौर निकासी की रकम भरवाई गयी। किसी कारणवश सिमलोंग शाखा में निकासी नहीं होने पर शाखा प्रबन्धक कमला पहाड़िया को एसबीआई गोड्डा शाखा ले गए। भुक्तभोगी को अपने साथ ही बैंक के अंदर लेकर गए। पैसा भुगतान हो जाने के बाद भुक्तभोगी को अपने साथ ही बाहर लेकर आए और कार में बैठकर वापस सिंगारसी की और लौटने लगे। कार में बैठने के कुछ समय के बाद ही शाखा प्रबंधक के सहयोगी ने कमला पहाड़िया से पहले नगद 20 हजार रुपया ले लिया। इसके बाद शाखा प्रबंधक ने कहा कि ऑपरेटर को एक लाख देना होगा पैसा दो। जब कमला पहाड़िया ने कहा कि मुझे ऑपरेटर से मिला दिजीए मैं खुद ही उसे पूछकर पैसा दूंगा। इसपर शाखा प्रबंधक सचिन शेखर ने कहा कि वो तुमसे नहीं मिलेगा। साथ ही कहा कि तुम्हारे पैसे के भुगतान के लिए बहुत मेहनत किए हैं तो मुझे भी 30 हजार दो। इस प्रकार से शाखा प्रबंधक सचिन शेखर ने 1 लाख 30 हजार व उसके सहयोगी ने 20 हजार रुपया ऐंठ लिया। शाखा प्रबंधक और उसके सहयोगी यहीं नहीं रुके, दोनों कुल डेढ़ लाख रुपये लेने के बाद सिंगारसी लौटने के दौरान कमला पहाड़िया को अमरभिठा से पहले जंगल में ही अपने कार से उतार दिया। उतारने के बाद शाखा प्रबंधक सचिन शेखर ने कमला को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि इस लेन देन के बारे में किसी को कुछ नहीं बताना नहीं तो साहब लोग नाराज हो जाएंगे। अब कमला पहाड़िया अपने पैसे वापस लेने के लिए दर-दर भटक रहा है।
क्या कहते हैं शाखा प्रबंधक:- इस मामले में जब शाखा प्रबंधक सचिन शेखर से दूरभाष पर सम्पर्क किया गया तो उन्होंने कहा मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद हैं।
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