●दुमका, जामताड़ा, बासुकीनाथ,साहिबगंज और पाकुड सहित अधिकांश नगर निकायों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की हुई करारी हार
सुमन सिंह
दुमका । संताल परगना में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बाद अब नगर निकाय चुनाव में भी भाजपा को हार का सामना करना पड़ा है।हालांकि नगर निकाय का चुनाव दलीय आधार पर नहीं हुआ पर भाजपा ने सभी नगर निकाय के अध्यक्ष पद के लिए एक-एक प्रत्याशी को समर्थन दे रखा था।भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पार्टी ने नगर निकाय चुनाव में पूरी ताकत झोंकी थी।प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू,भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी,गोड्डा के सांसद निशिकांत दुबे और दुमका के पूर्व सांसद सुनील सोरेन सहित भाजपा के कई प्रमुख नेताओं ने संताल परगना के अलग-अलग नगर निकाय क्षेत्रों का दौरा किया था।पार्टी के जोर लगाने के बाद भी अधिकांश नगर निकायों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की करारी हार हुई है।दुमका, पाकुड,बासुकीनाथ और जामताड़ा में भाजपा समर्थित प्रत्याशी तीसरे नंबर पर रहे।दुमका में भाजपा समर्थित अमिता रक्षित और बासुकीनाथ में पूनम देवी को करारी हार का सामना करना पड़ा।महगामा और मिहिजाम सहित कुछ निकायों में ही भाजपा समर्थित प्रत्याशियों की स्थिति संतोषजनक रही,अन्यथा अधिकतर नगर निकायों में भाजपा समर्थित प्रत्याशियों का प्रदर्शन निराशाजनक रहा।इसका एक बड़ा कारण पार्टी समर्थित प्रत्याशी और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच समन्वय का अभाव रहा।
संताल परगना में कई नगर निकायों में भाजपा के बागी के रूप में चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों की जीत हुई है।इसमें सबसे चर्चित चुनाव नतीजा पाकुड का रहा।पाकुड़ में भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष शबरी पाल को भाजपा ने समर्थन नहीं दिया तो वह बागी होकर चुनाव लड़ी और जीत गई।जामताड़ा में भी पार्टी समर्थित प्रत्याशी की करारी हार हो गई और आशा गुप्ता अध्यक्ष निर्वाचित हुईं।


