झरिया । बीसीसीएल के कर्मी के साथ बैंक ऑफ इंडिया की एना शाखा के कर्मी ने लोन निकासी के नाम पर लगभग ₹2 लाख रुपये की ठगी कर ली। मामला शुक्रवार को सामने आने के बाद पूरे झरिया क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। पीड़ित कर्मी ने झरिया थाना में लिखित आवेदन देकर शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी बैंक कर्मी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीसीसीएल क्षेत्र संख्या 9 बस्ताकोला क्षेत्र के विकास भवन में जनरल मजदूर के पद पर कार्यरत मिथुन कालिंदी ने झरिया थाना को बताया है कि वह बैंक ऑफ इंडिया, एना शाखा से 13 लाख 36 हजार 666 रुपये का लोन लिया था।
बैंक ने उनके पुराने लोन के एवज में 7 लाख 90 हजार 905 रुपये काट लिए। इसके बाद उन्हें लगभग 5 लाख 22 हजार रुपये मिलने थे।मिथुन कालिंदी का आरोप है कि बैंक में कार्यरत हर्ष नामक कर्मी ने लोन जल्दी निकलवाने के बहाने उनसे अलग से 20 हजार रुपये की मांग की। उन्होंने बताया कि लोन प्रक्रिया में तीन महीने तक दौड़ने के बाद अप्रैल 2026 में उन्हें लोन मिला। 22.4.2026 को लोन की राशि उनके खाते में आने के बाद हर्ष ने उन्हें बैंक के एक कमरे में ले गया, जहां बैंक का एक अन्य कर्मी पहले से मौजूद था।पीड़ित बीसीएसीएल कर्मी ने बताया कि वह अनपढ़ हैं, इसलिए पैसे गिनने की बजाय गमछे में बांधकर बैंक से बाहर आ गए। कमरे से निकलने के बाद उन्हें कुल 2 लाख 70 हजार रुपये ही मिले।
इसके बाद हर्ष और बैंक का दूसरा कर्मी गाड़ी लेकर आए और वे उनके साथ बलियापुर चले गए, क्योंकि उन्हें एक शादी समारोह में शामिल होना था। रास्ते में उन्हें यह अहसास हुआ कि मिलने वाली राशि और वास्तव में मिली राशि में भारी अंतर है।मिथुन कालिंदी ने झरिया थाना में दिए आवेदन में कहा कि लोन की पूरी राशि में से कटौती और नकद भुगतान के नाम पर उनके साथ लगभग 2 लाख रुपये की धोखाधड़ी की गई है। आवेदन मिलने के बाद झरिया पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी बैंक कर्मी हर्ष को हिरासत में ले लिया है,और उससे पूछताछ कर रही है।झरिया थाना के इंस्पेक्टर शशि रंजन कुमार ने बताया कि मामले की जांच चल रही है। बैंक शाखा के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिसके बाद पूरा मामला स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि लोन वितरण के दौरान बैंक के नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं और इसमें अन्य कर्मियों की संलिप्तता है या नहीं।इस घटना के बाद बैंक ग्राहकों और बीसीसीएल कर्मियों में दहशत का माहौल है।
लोगों का कहना है कि बैंक जैसे सुरक्षित संस्थान में अगर कर्मी ही धोखाधड़ी करने लगें तो आम आदमी कहां जाएगा। बैंक ऑफ इंडिया प्रबंधन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और बैंक के दस्तावेजों के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है। हिरासत में लिए गए कर्मी से पूछताछ के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।इधर चर्चा है कि झरिया बाजार के प्रबंधकीय टीम भी लोन के नाम पर लोगो को परेशान करती है।


