हेमलाल मुर्मू ने सदन में उठाया साइबर अपराध का गंभीर मुद्दा उठाया
रांची । लिट्टीपाड़ा विधानसभा क्षेत्र के विधायक हेमलाल मुर्मू ने विधानसभा में साइबर अपराध का गंभीर मुद्दा उठाते हुए अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी मांगी। उन्होंने राज्य में बढ़ते साइबर फ्रॉड पर चिंता जताई और सरकार से ठोस कदमों की मांग की। जवाब में मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने कहा कि राज्य में स्थापित साइबर थानों के माध्यम से साइबर अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि दर्ज मामलों में करीब 95 प्रतिशत राशि पुलिस द्वारा रिकवर की गई है।
मंत्री ने यह भी कहा कि नशीले पदार्थों की खेती के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा रही है और संबंधित जिलों में अभियान चलाए जा रहे हैं। वहीं, जमुआ विधानसभा की मंजू कुमारी ने चुंगलो में ओपी (आउट पोस्ट) थाना स्थापित करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि पहले वहां ओपी मौजूद था, जिसे फिर से बहाल किया जाना चाहिए। इस पर मंत्री योगेंद्र प्रसाद ने स्पष्ट किया कि चुंगलो में पहले कभी कोई ओपी थाना नहीं था। हालांकि, उन्होंने आश्वासन दिया कि आवश्यकता के अनुसार वहां ओपी खोलने पर विचार किया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग पूरी तत्परता से कानून-व्यवस्था बनाए रखने में जुटा है।
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राज्य के विकास कार्यों को गति देने के लिए विपक्ष से सहयोग करे : उदय शंकर सिंह
रांची । सारठ विधानसभा क्षेत्र विधायक उदय शंकर सिंह उर्फ चुना सिंह ने राज्य के विकास कार्यों को गति देने के लिए विपक्ष से सहयोग की अपील की है। उन्होंने कहा कि विकास एक सामूहिक जिम्मेदारी है और इसमें सत्ता व विपक्ष दोनों की भूमिका अहम होती है।आलोचना करना लोकतंत्र का हिस्सा है और यह मेरा फर्ज भी है कि जहां जरूरत हो, वहां अपनी बात रखूं। लेकिन केवल आलोचना तक सीमित रहने के बजाय जनहित के कार्यों को आगे बढ़ाने में सभी को साथ आना चाहिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों पर असहमति जताना लोकतांत्रिक अधिकार है, परंतु राज्य और क्षेत्र के विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जनता ने जनप्रतिनिधियों को विकास के लिए चुना है, इसलिए सभी दलों को मिलकर काम करना चाहिए ताकि योजनाएं तेजी से धरातल पर उतर सकें।
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हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा : आलोक कुमार सोरेन
रांची : शिकारीपाड़ा (एसटी) निर्वाचन क्षेत्र के विधायक आलोक कुमार सोरेन ने झारखंड विधानसभा में वर्ष 2025-26 की अनुपूरक अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान राज्य सरकार का जोरदार समर्थन किया। उन्होंने कहा कि बजट एक सतत और जीवंत प्रक्रिया है तथा भारतीय संविधान के अनुच्छेद 205 के तहत अनुपूरक अनुदान विकास और जनकल्याण की जरूरतों को पूरा करने का संवैधानिक प्रावधान है। उन्होंने कहा कि राज्य गठन के 25 वर्ष पूरे होने के बावजूद पूर्व की भाजपा सरकारें बुनियादी ढांचा मजबूत नहीं कर सकीं, लेकिन हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। वर्तमान सरकार को “गांव की सरकार” बताते हुए उन्होंने कहा कि पेसा एक्ट लागू कर ग्राम सभाओं को सशक्त बनाया गया है, जिससे लोकतांत्रिक भागीदारी बढ़ी है।
जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख
विधायक ने कहा कि “सरकार आपके द्वार” कार्यक्रम के तहत अधिकारी गांव-गांव पहुंच रहे हैं। मंईयां सम्मान योजना, सर्वजन पेंशन योजना, 200 यूनिट मुफ्त बिजली, अबुआ आवास योजना और फूलो झानो आशीर्वाद योजना जैसी पहल से महिलाओं, बुजुर्गों और गरीब परिवारों को सीधा लाभ मिल रहा है।
केंद्र सरकार पर भेदभाव का आरोप
आलोक कुमार सोरेन ने केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार पर भेदभावपूर्ण रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) का मुद्दा उठाते हुए कहा कि गैर-भाजपा शासित राज्यों—जैसे बिहार और पश्चिम बंगाल—में मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है, जो लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में ऐसा विमर्श गढ़ा जा रहा है, जिसमें मुस्लिमों को बांग्लादेशी या पाकिस्तानी, आदिवासियों को नक्सली और युवाओं को देशद्रोही बताने की प्रवृत्ति बढ़ रही है। विधायक ने कहा कि केंद्र सरकार संघीय ढांचे को कमजोर कर रही है और झारखंड का 1.36 लाख करोड़ रुपये का कोयला रॉयल्टी बकाया है। सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार विकास कार्यों को गति दे रही है।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की गई और एक आदिवासी मुख्यमंत्री को बिना उचित कारण जेल भेजा गया। अपने वक्तव्य में उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कार्यशैली की तुलना करते हुए कहा कि जहां एक ओर एआई समिट जैसे आयोजनों को प्रचार का माध्यम बनाया जा रहा है, वहीं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सामाजिक संवेदनशीलता के साथ जमीनी मुद्दों पर काम कर रहे हैं। आलोक कुमार सोरेन ने तृतीय अनुपूरक अनुदान मांगों का समर्थन करते हुए विश्वास जताया कि हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और जल, जंगल व जमीन की रक्षा के साथ राज्य विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।
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डॉ. लुईस मरांडी ने हल्दिया नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण की सदन में रखी मांग
रांची । जामा विधानसभा क्षेत्र की विधायक डॉ. लुईस मरांडी ने शनिवार को सदन में जनहित से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने रामगढ़ प्रखंड की कांजो पंचायत के सिमरा और हरिपुर के बीच हल्दिया नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण कराने की मांग रखी। विधायक ने सदन को अवगत कराया कि इस क्षेत्र में पुल नहीं होने के कारण बरसात के दिनों में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता है। डॉ. मरांडी ने बताया कि हल्दिया नदी पर पुल का निर्माण होने से कांजो, सिमरा, महेशपुर, सेजापहाडी, इटबंधा, छोटी रणबहियार, कुरुआ, बडी रणबहियार, मधुबन, चितबेसरा, रोलडीह, लौडिया और बस बेरवा सहित कई गांवों की दूरी लगभग 15 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके साथ ही ये सभी गांव सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ जाएंगे, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी। वर्तमान में लोगों को लंबी दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे विशेषकर छात्रों, किसानों, मरीजों और व्यापारियों को काफी परेशानी होती है।
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