काराकस । अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला अब अमेरिकी सैनिकों के कब्जे में हैं। अमेरिका ने वेनेजुएला पर हमला कर उसके राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को पकडऩे का दावा किया है। अमेरिका ने बीती रात करीब वेनेजुएला के 4 शहरों पर हमले किए थे। इस दौरान अमेरिकी सैनिकों ने मिलिट्री ठिकानों और खास जगहों को निशाना बनाया। अमेरिकी हमले के बाद वेनेजुएला के राष्ट्रपति मादुरो ने बयान जारी कर कहा था कि वे जवाब देंगे। उन्होंने देशभर में इमरजेंसी लगाने का ऐलान किया था। उनके बयान जारी करने के 1 घंटे बाद ट्रम्प ने उन्हें पकडऩे का ऐलान किया। अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बीते 4 महीने से टकराव जारी है। अमेरिका ने वेनेजुएला के पास समुद्र में सैनिक, विमान और युद्धपोत तैनात कर रखे हैं। अमेरिकी सेना ने ड्रग तस्करी का आरोप लगाकर वेनेजुएला की 35 नावों पर हमले किए हैं।
इसमें 100 से ज्यादा लोग मारे गए हैं। वेनेजुएला की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने टीवी चैनल पर बोलते हुए राष्ट्रपति निकोलस मादुरो के जीवित होने के प्रमाण और उनके ठिकाने की जानकारी देने की मांग की। ये टिप्पणियां राष्ट्रपति ट्रम्प के यह कहने के तुरंत बाद आईं कि मादुरो को पकड़ लिया गया है और वेनेजुएला से बाहर ले जाया गया है। वेनेजुएला के रक्षा मंत्री व्लादिमीर पैड्रिनो लोपेज ने देश भर में सैन्य बलों की तैनाती की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मादुरो के आदेशों के अनुसार सभी सशस्त्र बलों को तैनात किया जाएगा, लेकिन उन्होंने मादुरो की गिरफ्तारी का कोई जिक्र नहीं किया।
उन्होंने कहा, उन्होंने हम पर हमला किया है लेकिन वे हमें वश में नहीं कर पाएंगे। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा, हम उस दहशत के आगे न झुकें जिसे दुश्मन पैदा करना चाहता है। कोलंबिया स्थित अमेरिकी दूतावास ने लोगों से वेनेजुएला की राजधानी काराकास और उसके आसपास की यात्रा से बचने की सलाह दी है। एक सुरक्षा नोटिस में, दूतावास ने वेनेजुएला में मौजूद अमेरिकी नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने-अपने स्थानों पर सुरक्षित रहें और जैसे ही मुमकिन हो, देश छोड़ दें। दूतावास ने बताया कि वेनेजुएला के लिए लेवल 4 की सलाह जारी की गई है, जो कि चेतावनी का हाई स्तर है। बयान में कहा गया है कि मार्च 2019 में, अमेरिकी विदेश विभाग ने कराकस में अमेरिकी दूतावास से सभी राजनयिक कर्मियों को वापस बुला लिया था और सभी तरह के संचालन निलंबित कर दिए थे।


