सिविल सर्जन यहां अपना कानून लागू करना चाहते हैं
देवघर संताल एक्सप्रेस:-सिविल सर्जन देवघर के कर्मचारी विरोधी मानसिकता से जिले के सभी कर्मचारी त्रस्त हैं,कर्मचारियों को परेशान करने के उद्देश्य से प्रतिदिन कुछ ना कुछ तुगलकी फरमान जारी किया जा रहा है।ताजा आदेश ड्रेस से संबंधित है सिविल सर्जन ने जिले के सभी एएनएम एवं पारा मेडिकल कर्मचारियों को ब्लू रंग का एप्रन पहनने का आदेश जारी किया है और ऐसा नहीं करने पर इसे अनुशासनहीनता मानते हुए कारवाई की बात कही है।सिविल सर्जन ने पत्र में रांची और खूंटी जिले के कर्मियों का आधार दिया है।इस सन्दर्भ में झारखंड चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र ने कहा कि सिविल सर्जन यहां अपना कानून लागू करना चाहते हैं जो नहीं चलेगा,रांची और खूंटी के बहाने सिविल सर्जन झूठ का सहारा ले रहे हैं।पूरे राज्य ही नहीं पूरे देश के किसी भी सरकारी अस्पतालों में नियमित या अनुबंध पर नियुक्त कोई भी एएनएम या पारा मेडिकल कर्मी सफेद के अलावा और किसी रंग का एप्रन नहीं पहनते हैं।जिस तरह पुलिस विभाग में आरक्षी अधीक्षक से लेकर आरक्षी तक खाकी वर्दी, कानून विभाग में उच्चतम न्यायालय सहित जिला न्यायालय तक के न्यायधीश, अधिवक्ता से लेकर मुन्शी तक काले कोर्ट पहनते हैं।उसी तरह स्वास्थ्य विभाग में चिकित्सकों से लेकर एएनएम एवं पारा मेडिकल कर्मी तक के लिए सफेद एप्रन ही निर्धारित है और पूरे देश के सरकारी अस्पतालों में लागू है।आउटसोर्सिंग कंपनियां अपने कर्मचारियों के लिए मनमाना ड्रेस लागू करती हैं, रांची और खूंटी में आउटसोर्सिंग कंपनियों के कर्मी पीला और नीला एप्रन पहने थे।
वहीं मिश्रा ने कहा कि इस संबंध में सदर अस्पताल के सभी पारा मेडिकल कर्मियों एवं एएनएम के द्वारा सिविल सर्जन देवघर को संयुक्त हस्ताक्षरित आवेदन देकर आपत्ति दर्ज की जा चुकी है और किसी भी हाल में कोई भी कर्मी ब्लू एप्रन नहीं पहनेंगे।सदर अस्पताल के सफाईकर्मी ब्लू एप्रन पहनते हैं और सिविल सर्जन का यह आदेश पारा मेडिकल कर्मचारियों के पहचान को मिटाने की साजिश समझी जाएगी।
यदि एक सप्ताह के अंदर यह तुगलकी फरमान रद्द नहीं किया जाता है।तो जिले के सभी एएनएम एवं पारा मेडिकल कर्मचारी सिविल सर्जन कार्यालय के सामने धरना प्रदर्शन करेंगे और पूरे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को बंद कर दिया जाएगा।

