दुमका। दुमका और गोड्डा कोर्ट परिसरों को निशाना बनाने की धमकी मिलने के बाद से पुलिस और प्रशासनिक महकमे में अफरा-तफरी का माहौल है। यह सनसनीखेज धमकी दुमका के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के नाम स्पीड पोस्ट से भेजे गए एक पत्र के जरिए मिली है। बांग्ला भाषा में लिखे गए इस धमकी भरे पत्र में दुमका और गोड्डा कोर्ट पर हमले की चेतावनी दी गई थी। इस पत्र के साथ दो संदिग्धों के नाम और एक आधार कार्ड की फोटोकॉपी भी भेजी गई थी।
धमकी की जानकारी मिलते ही सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस तुरंत हरकत में आ गईं। एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसरों की सुरक्षा व्यवस्था को तत्काल बढ़ा दिया गया है। डॉग स्क्वॉड और बम निरोधक दस्ते ने पूरे परिसर के चप्पे-चप्पे की गहन तलाशी ली। हालांकि, इस सघन चेकिंग अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को कोई भी संदिग्ध या विस्फोटक वस्तु बरामद नहीं हुई।
दुमका के पुलिस अधीक्षक पीतांबर सिंह खेरवार ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि पत्र के साथ मिले आधार कार्ड की जांच कराई गई है। जांच में सामने आया कि जिस व्यक्ति के आधार कार्ड का उपयोग किया गया है, उसका इस धमकी से कोई सीधा संबंध नहीं है। पीड़ित व्यक्ति ने पुलिस पूछताछ में स्पष्ट किया है कि किसी ने आपसी रंजिश या विवाद के कारण उसके आधार कार्ड का दुरुपयोग कर न्यायाधीश को यह पत्र भेजा है।
पुलिस की शुरुआती तकनीकी जांच में यह सुराग मिला है कि यह स्पीड पोस्ट पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान जिले के भातार थाना क्षेत्र से पोस्ट की गई थी। फिलहाल पुलिस और खुफिया एजेंसियां असली पत्र भेजने वाले की पहचान करने, उसकी लोकेशन ट्रेस करने और इस साजिश के पीछे के मुख्य उद्देश्य का पता लगाने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।
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