• देश-विदेश के शिक्षाविदों और साहित्यकारों ने राज्यपाल के चार दशक लंबे सार्वजनिक जीवन को बताया अनुकरणीय
• डॉ. देवनारायण पाठक ने संस्कृत के 20 श्लोकों से रची जन्मदिवस प्रशस्ति, काव्य पाठ से दी गई शुभकामनाएं
• ठाकुर श्याम सुंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित वेबिनार के मुख्य अतिथि प्रो. त्रिभुवन नाथ शुक्ल ने व्यक्तित्व और कृतित्व पर डाला प्रकाश
ब्यूरो रिपोर्ट
दुमका। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार के जन्मदिवस पर रविवार को ‘वचन’ पत्रिका की ओर से पगला बाबा मंदिर परिसर में अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का आयोजन किया गया। वरिष्ठ समाजसेवी ठाकुर श्याम सुंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के कला संकाय के अधिष्ठाता प्रो. त्रिभुवन नाथ शुक्ल थे। देश-विदेश के शिक्षाविदों, साहित्यकारों, भाषाविदों और शोधकर्ताओं ने ऑनलाइन भाग लेकर राज्यपाल के सादगीपूर्ण जीवन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की।
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*मंगलाचरण से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ*
कार्यक्रम की शुरुआत गोरखपुर विश्वविद्यालय के आचार्य डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी के मंगलाचरण और बधाई संदेश से हुई। बरेली के नरेंद्र कुमार शुक्ल ने राज्यपाल के जन्मस्थान से जुड़े संस्मरण साझा किए। उत्तराखंड के विद्वान डॉ. बेचैन कंडियाल ने राज्यपाल के साथ बिताए समय को याद करते हुए उनकी सहजता और सरलता पर प्रकाश डाला।
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*चार दशक के सार्वजनिक जीवन को बताया प्रेरणादायक*
प्रयागराज के लेखक डॉ. अरुण कुमार त्रिपाठी ने राज्यपाल के जीवन दर्शन को समाज के लिए अनुकरणीय बताया। इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रोफेसर एवं ‘माध्यम’ पत्रिका के संपादक प्रो. डॉ. राजेश कुमार गर्ग ने उनके समाजसेवी व्यक्तित्व की सराहना की। बीआर सिंह पीजी कॉलेज, सैदाबाद के प्राचार्य डॉ. इंदु प्रकाश मिश्र ने काव्य पाठ के माध्यम से जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं।
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*संवैधानिक मूल्यों और सादगी की मिसाल*
बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय, लखनऊ के मानविकी संकायाध्यक्ष प्रो. डॉ. रामपाल गंगवार ने कहा कि आठ बार सांसद, केंद्रीय मंत्री और वर्तमान में राज्यपाल के रूप में संतोष कुमार गंगवार का सार्वजनिक जीवन संवैधानिक मूल्यों, ईमानदारी, शुचिता और सादगी की मिसाल है। उन्होंने राज्यपाल को अपना अभिभावक बताते हुए उनके व्यक्तित्व की सराहना की।
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*संस्कृत के 20 श्लोकों से दी जन्मदिवस की बधाई*
इग्नू क्षेत्रीय केंद्र, वाराणसी के सहायक क्षेत्रीय निदेशक डॉ. देवनारायण पाठक ने संस्कृत में रचित 20 श्लोकों की ‘श्री-संतोष-गंगवार-जन्मदिवस-प्रशस्ति’ प्रस्तुत की। उन्होंने राज्यपाल को धर्मनिष्ठ और राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित बताते हुए संस्कृत श्लोकों के माध्यम से शुभकामनाएं दीं।
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*साहित्य और अकादमिक विमर्श को मिला साझा मंच*
मुख्य अतिथि प्रो. त्रिभुवन नाथ शुक्ल ने राज्यपाल के बहुआयामी व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय, वर्धा के डॉ. प्रकाश त्रिपाठी ने भी जन्मदिवस की बधाई दी। वरिष्ठ पत्रकार डॉ. सुमन सिंह और हिंदी विभाग के डॉ. हिमांशु सिंह ने वेबिनार को साहित्य, भाषा और अकादमिक विमर्श को साझा मंच प्रदान करने वाली महत्वपूर्ण पहल बताया।
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*डॉ. अजय शुक्ल ने किया संचालन*
कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन सिदो-कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय, दुमका के हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष डॉ. अजय शुक्ल ने किया। वेबिनार में राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित अंकित पांडेय, जितेंद्र कुमार साह, साधन मंडल, शोधार्थियों, शिक्षकों, विद्यार्थियों, साहित्यप्रेमियों और अन्य गणमान्य लोगों ने भाग लिया।
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