पीस बॉन्ड के विवाद के बीच शेयर किया पुराना वीडियो
नई दिल्ली । पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अपना एक पुराना वीडियो शेयर करते हुए बड़ा बयान दिया है और कहा है कि लोगों की भलाई के लिए हर व्यक्ति को कम से कम एक बार जेल जरूर जाना चाहिए। यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब दिल्ली के जंतर-मंतर पर तिरंगा लहराने और सेंट्रल पार्क में प्रदर्शन करने के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेताओं को हिरासत में ले लिया गया था। सीजेपी के सौरव दास, आशुतोष रांका और अभिजीत दीपके जैसे नेताओं को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर करवाने के बाद छोड़ा गया है। इसी पीस बॉन्ड की अनिवार्यता और कानूनी कार्रवाई को लेकर सोनम वांगचुक ने अपनी प्रतिक्रिया दी है और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि अपराध के लिए नहीं, बल्कि समाज और लोगों की भलाई के लिए सबको एक बार जेल जाना जरूरी है।
सोनम वांगचुक ने अपने शेयर किए गए 27 जनवरी 2023 के पुराने वीडियो में खुलासा किया कि चार साल पहले उनके सामने भी प्रशासन द्वारा पीस बॉन्ड भरने का दबाव बनाया गया था। उस समय उन्हें नजरबंद किया गया और लंबे समय तक जेल में डालने की धमकी दी गई थी। वीडियो में वांगचुक बता रहे हैं कि अधिकारियों ने उन्हें एक ऐसा बॉन्ड थमाया था जिसमें यह शर्त थी कि वह न तो किसी सार्वजनिक सभा में शामिल होंगे और न ही कोई भाषण देंगे। साथ ही, हालिया घटनाक्रम को लेकर उन्हें किसी भी प्रकार की गतिविधि न करने का निर्देश दिया गया था। वांगचुक ने वीडियो में आगे कहा कि उन्हें अपने ही हाथों से अपने मौलिक अधिकारों (अनुच्छेद 19) को प्रशासन के हवाले करना था और 50 हजार रुपये भी भरने थे। जब उन्होंने अधिकारियों से सवाल किया कि यदि वह पैसे नहीं भरेंगे तो क्या होगा, तो उन्होंने कहा कि यह तो और भी अच्छी बात होगी। जो व्यक्ति अपनी बात रखने के लिए किसी भी परिणाम से नहीं डरा, वह भला नजरबंदी या डिटेंशन से नहीं डरेगा। उन्होंने तंज कसते हुए यह भी कहा था कि प्रशासन ने उन्हें नजरबंद करने के लिए माइनस 10 डिग्री तापमान में कई पुलिसकर्मियों को तैनात कर रखा है, इससे बेहतर होता कि उन पुलिसकर्मियों के लिए रहने का कोई तंबू या टेंट ही लगवा दिया जाता। उल्लेखनीय है कि दिल्ली की हालिया घटनाओं में जहां सौरव दास, अभिजीत दीपके और आशुतोष रांका जैसे नेताओं ने पीस बॉन्ड पर हस्ताक्षर कर दिए हैं, वहीं नेहा बोरा ने एसईएम कोर्ट के सामने पीस बॉन्ड साइन करने से साफ इनकार कर दिया था। इस बीच, आगामी 1 नवंबर को विपक्ष द्वारा रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस रैली का समर्थन सीजेपी और नेहा बोरा दोनों ने किया है, हालांकि सीजेपी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि उनका कोई भी नेता इस रैली में प्रत्यक्ष रूप से शामिल नहीं होगा।


