नई दिल्ली । रोजाना सात से आठ घंटे सोने के बाद भी यदि नियमित रूप से सिरदर्द होता है, तो इसके पीछे नींद की खराब गुणवत्ता, शरीर में पानी की कमी, माइग्रेन या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। सुबह नींद से जागते ही सिरदर्द होना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। अक्सर लोग इसे थकान, तनाव या नींद पूरी नहीं होने से जोड़कर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, केवल सिरदर्द के आधार पर किसी गंभीर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। बार-बार होने वाली इस परेशानी के कारणों को समझना और जरूरत पड़ने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है। सुबह सिरदर्द होने का एक प्रमुख कारण रात में बार-बार नींद टूटना है। देर रात तक मोबाइल का इस्तेमाल, अनियमित दिनचर्या और मानसिक तनाव नींद की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकते हैं। इससे सुबह उठने पर सिर भारी लग सकता है और थकान बनी रह सकती है। वहीं, कुछ लोगों में स्लीप एपनिया की समस्या भी सुबह के सिरदर्द की वजह बनती है। इस स्थिति में सोते समय सांस बार-बार बाधित होती है। तेज खर्राटे लेना, नींद के दौरान सांस रुकना और पर्याप्त नींद के बावजूद दिन में सुस्ती महसूस होना इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं।
शरीर में पानी की कमी भी सिरदर्द का कारण बन सकती है। दिनभर पर्याप्त पानी नहीं पीने, अधिक पसीना निकलने, उल्टी-दस्त या शराब के सेवन से निर्जलीकरण की समस्या हो सकती है। इसके कारण सिरदर्द, थकान और मुंह सूखने जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इससे बचने के लिए दिनभर नियमित रूप से पानी पीना और शरीर में तरल पदार्थों की कमी नहीं होने देना जरूरी है। चाय या कॉफी पीने की आदत में अचानक बदलाव भी सिरदर्द पैदा कर सकता है। नियमित रूप से कैफीन लेने वाले लोग यदि अचानक इसका सेवन कम कर देते हैं, तो उन्हें सिरदर्द हो सकता है। दूसरी ओर, सोने से पहले चाय-कॉफी पीने से नींद प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा, रात में दांत पीसने या जबड़े को कसकर रखने की आदत के कारण सुबह माथे, कनपटी और जबड़े में दर्द महसूस हो सकता है। माइग्रेन से पीड़ित लोगों को भी सुबह सिरदर्द हो सकता है।
अनियमित नींद, तनाव और दिनचर्या में बदलाव इसके लक्षणों को बढ़ा सकते हैं। वहीं, दर्द निवारक दवाओं का बार-बार इस्तेमाल कुछ लोगों में सिरदर्द की समस्या को और बढ़ा सकता है। यदि सप्ताह में कई बार सिरदर्द होता है या बार-बार दवा लेने की जरूरत पड़ती है, तो डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। सुबह सिरदर्द से बचने के लिए नियमित समय पर सोना-जागना, पर्याप्त पानी पीना, समय पर भोजन करना और सोने से पहले मोबाइल का इस्तेमाल सीमित करना उपयोगी हो सकता है। यदि सिरदर्द लगातार बना रहता है, उसकी तीव्रता बढ़ती है या रोजमर्रा के काम प्रभावित होते हैं, तो चिकित्सकीय जांच करवाएं।
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