गोड्डा : जिले के महागामा थाना क्षेत्र के कुशहा गांव में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब खेल मैदान के समीप पगडंडी किनारे सफेद कपड़े में लिपटा एक नवजात शिशु लावारिस हालत में मिला। नवजात के रोने की आवाज सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने जब कपड़ा हटाकर देखा तो बच्चा जीवित था और अपने हाथ-पैर हिला रहा था।
बताया जा रहा है कि गांव का एक किसान मंगलवार को खेत की ओर जा रहा था। इसी दौरान उसे पगडंडी के पास से बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर किसान जब वहां पहुंचा तो उसने देखा कि एक नवजात शिशु सफेद कपड़े में लिपटा हुआ पड़ा है। इसके बाद किसान ने तत्काल इसकी जानकारी आसपास के ग्रामीणों को दी।
नवजात मिलने की खबर देखते ही देखते पूरे गांव में फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। मौके पर मौजूद महिलाओं ने नवजात को गोद में उठाया और उसकी देखभाल शुरू की। ग्रामीणों के अनुसार बच्चे को काफी देर तक खुले स्थान पर पड़े रहने के कारण उसकी हालत चिंताजनक लग रही थी।
घटना की सूचना स्थानीय लोगों ने तत्काल महागामा थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही महागामा थाना प्रभारी अभिनव आनंद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने ग्रामीणों से घटना की जानकारी लेने के बाद नवजात को तत्काल इलाज के लिए महागामा रेफरल अस्पताल पहुंचाया।
अस्पताल में चिकित्सकों ने नवजात की स्वास्थ्य जांच की। जांच के दौरान उसकी हालत सामान्य नहीं पाए जाने पर बेहतर इलाज के लिए उसे सदर अस्पताल गोड्डा रेफर कर दिया गया। पुलिस की निगरानी में नवजात को आगे के इलाज के लिए गोड्डा भेजे जाने की प्रक्रिया की गई।
इधर, नवजात के मिलने की सूचना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल और घटनास्थल के आसपास जुटे रहे। ग्रामीणों के बीच इस बात को लेकर चर्चा होती रही कि आखिर नवजात को किसने और किन परिस्थितियों में वहां लाकर छोड़ा। फिलहाल बच्चे के माता-पिता या परिजनों के बारे में कोई जानकारी सामने नहीं आई है।
वहीं, शीतलाडीह गांव निवासी पंकज मांझी और उनकी पत्नी ने नवजात को अपने पास रखने की इच्छा जताई है। हालांकि पुलिस ने उन्हें बताया कि बच्चे को रखने या उसकी देखभाल की जिम्मेदारी देने के लिए निर्धारित कानूनी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और नवजात के परिजनों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
WhatsApp Group जुड़ने के लिए क्लिक करें 👉
Join Now


