●अभ्यास वर्ग में तोड़फोड़ और मारपीट का आरोप, पुलिस की मौजूदगी में शाम तक परिसर में फंसे रहे कार्यकर्ता
ब्यूरो
दुमका । अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के पश्चिम बंगाल प्रांत के अभ्यास वर्ग में 27 सितंबर को जमकर हंगामा होने का मामला सामने आया है। संगठन ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम का विरोध कर रहे छात्रों ने ऑडिटोरियम में घुसकर नारेबाजी की, मंच का बैनर फाड़ दिया और कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की व मारपीट की। घटना में संगठन के चार कार्यकर्ता घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल ले जाना पड़ा। संगठन के जिला अध्यक्ष डॉ. करुण कुमार राय की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, अभ्यास वर्ग का आयोजन जादवपुर विश्वविद्यालय परिसर स्थित सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट के ऑडिटोरियम में किया गया था। कार्यक्रम के लिए संस्थान से विधिवत अनुमति ली गई थी और 17,250 रुपये निर्धारित शुल्क भी जमा कराया गया था। दोपहर करीब 12 बजे कार्यक्रम शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र ऑडिटोरियम पहुंचे और नारेबाजी करते हुए विरोध करने लगे।
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मंच पर पहुंचकर बैनर फाड़ने और मारपीट का आरोप
ग्राहक पंचायत का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों ने कार्यक्रम में व्यवधान उत्पन्न किया और मंच पर पहुंचकर बैकड्रॉप बैनर फाड़ दिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं के साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की गई। संगठन के पश्चिम बंगाल प्रांत के संगठन मंत्री अंजन दास के साथ भी हाथापाई किए जाने की बात कही गई है। संगठन के मुताबिक, घटना के बाद कार्यकर्ताओं को कई घंटों तक परिसर से बाहर निकलने में परेशानी हुई। शाम करीब 6:30 बजे पुलिस की मौजूदगी में उन्हें परिसर से बाहर निकाला गया।
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निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग
घटना को गंभीर बताते हुए डॉ. राय ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। संगठन ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग की जांच, सभी पक्षों के बयान दर्ज करने तथा घायल कार्यकर्ताओं के मेडिकल रिकॉर्ड को जांच में शामिल करने की मांग की है। साथ ही, घटना के दौरान पुलिस की भूमिका की भी समीक्षा करने की बात कही है।
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आर्थिक हितों से जुड़े पहलू की जांच की मांग
प्रेस विज्ञप्ति में संगठन ने आशंका जताई है कि कहीं किसी बड़े आर्थिक हित वाले समूह ने इस घटना को प्रभावित, प्रायोजित या भड़काने का प्रयास तो नहीं किया। हालांकि, संगठन ने इसे केवल जांच का विषय बताते हुए कहा है कि बिना प्रमाण किसी व्यक्ति या संस्था पर आरोप लगाना उचित नहीं होगा। इस संबंध में डिजिटल साक्ष्य, वित्तीय लेन-देन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों की जांच की मांग की गई है। ग्राहक पंचायत ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में विरोध का अधिकार सभी को है, लेकिन विरोध शांतिपूर्ण और कानूनसम्मत होना चाहिए। संगठन के अनुसार, वह उपभोक्ता अधिकारों, मिलावट, कम तौल, अनुचित व्यापारिक व्यवहार और साइबर जागरूकता जैसे मुद्दों पर काम करता है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू करने की जानकारी देते हुए संगठन ने दोषियों के खिलाफ बिना किसी दबाव के कार्रवाई की मांग की है।


